नारायणपुर, May 14, 2026

Chhattisgarh Viral Wedding(photo-patrika)
Chhattisgarh Viral Wedding: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक अनोखी बारात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां आज के दौर में शादियों में महंगी गाड़ियां, लग्जरी कारें और दिखावे का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है, वहीं नारायणपुर के डूमरतराई गांव में एक दूल्हा बैलगाड़ी में बारात लेकर पहुंचा। इस अनोखी पहल ने लोगों का दिल जीत लिया। जानकारी के मुताबिक, डूमरतराई गांव निवासी कुबेर देहरी, जो नारायणपुर पुलिस विभाग में एसपी गनमैन के पद पर तैनात हैं, उन्होंने अपनी शादी को खास और यादगार बनाने के लिए पारंपरिक तरीका अपनाया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों की जगह बैलगाड़ी में बारात निकालकर सादगी, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया।
बताया जा रहा है कि कुबेर देहरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और सादगी अपनाने की अपील से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि आज के समय में पेट्रोल-डीजल की बचत बेहद जरूरी है और हर व्यक्ति को संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। कुबेर देहरी का कहना है कि अगर छोटी-छोटी पहल की जाए, तो समाज मे बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने अपनी शादी को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि समाज को सकारात्मक संदेश देने का माध्यम बनाया।
दूल्हे कुबेर देहरी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और गांव की परंपराएं हमारी असली पहचान हैं। आधुनिकता की दौड़ में लोग अपनी जड़ों और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे में नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और रीति-रिवाजों को सहेजकर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले गांवों में इसी तरह बैलगाड़ी और पारंपरिक साधनों से बारातें निकाली जाती थीं। अब लोग दिखावे और फिजूलखर्ची में परंपराओं को भूलते जा रहे हैं।
बैलगाड़ी में निकली यह अनोखी बारात गांव और आसपास के इलाकों में आकर्षण का केंद्र बनी रही। ग्रामीणों ने दूल्हे की इस सोच और पहल की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना है कि जहां आज शादी समारोहों में लाखों रुपये सिर्फ दिखावे पर खर्च किए जाते हैं, वहीं कुबेर देहरी ने सादगी से शादी कर समाज के सामने एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है। कई बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों बाद उन्हें पुरानी परंपराओं की झलक देखने को मिली। बच्चों और युवाओं में भी इस बारात को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
इस अनोखी बारात की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई। प्रदेश के मंत्री केदार कश्यप ने भी कुबेर देहरी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह पहल भारतीय संस्कृति, सादगी और सामाजिक जागरूकता का शानदार उदाहरण है। ऐसे प्रयास समाज को सकारात्मक दिशा देने का काम करते हैं और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।
इस बारात को सिर्फ पारंपरिक आयोजन ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती खपत और प्रदूषण के बीच बैलगाड़ी से निकली बारात ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लोग जरूरत के अनुसार संसाधनों का उपयोग करें और अनावश्यक दिखावे से बचें, तो पर्यावरण और समाज दोनों को फायदा होगा।
नारायणपुर की यह अनोखी बारात अब पूरे इलाके में मिसाल बन चुकी है। लोग इसे भारतीय संस्कृति, सादगी और पर्यावरण संरक्षण का बेहतरीन संगम बता रहे हैं। कुबेर देहरी की यह पहल अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग उनकी सोच की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
Published on: 14 May 2026 04:22 pm

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