
केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा बयान। (Pic Source : keshav Prasad Maurya 'X')
Keshav Prasad Maurya Big Statement: 'वंदे मातरम' को लेकर केंद्र सरकार की नई गाइडलाइंस पर देशभर में सियासी बहस तेज होती नजर आ रही है। अलग-अलग दलों के नेता अपने-अपने तरीके से प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
यूपी के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "कोई भी 'वंदे मातरम' का विरोध नहीं कर पाएगा। भारत में रहना है तो 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य है। जो इसका विरोध करेगा, उसके असली रंग सामने आ जाएंगे।"
वहीं, दिल्ली में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इसका विरोध करते हुए कहा, "नहीं, यह नहीं हो सकता। आप 'वंदे मातरम' पढ़ेंगे तो हम भी खड़े होंगे, लेकिन आप मुझसे मेरी इबादत का तरीका बदलने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? मैं इसे नहीं बदलूंगा। मेरे संविधान ने मुझे इसकी अनुमति दी है।"
इसके अलावा मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने संतुलित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर केंद्र या राज्य सरकार कोई कानून बनाती है और उसे लागू करती है तो नागरिकों को उसका पालन करना चाहिए, लेकिन यह किसी धर्म के विरोध में नहीं होना चाहिए। हमें एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए।
BJP सांसद मयंकभाई नायक ने कहा कि इस साल 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार ने पूरा 'वंदे मातरम' गाने का फैसला किया तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
BJP सांसद साक्षी महाराज ने कहा, "वंदे मातरम किसी देवी-देवता का नाम नहीं है, यह मातृभूमि का सम्मान है। एक सच्चे देशभक्त को इससे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने नासिक पर्व की अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें अपने जन्मस्थान पर श्रद्धांजलि देने का सौभाग्य मिला।
शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि 'वंदे मातरम' हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव और राष्ट्रहित का विषय है। भारत में रहना है तो 'वंदे मातरम' गाना होगा। अगर नहीं आता तो सीखना चाहिए। राष्ट्रगान 'जन गण मन' है, लेकिन राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' विवाद का विषय नहीं होना चाहिए। BJP विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा, "यह गलत है। देशभक्ति की अभिव्यक्ति का विरोध कैसे किया जा सकता है? भारत हमारी मां है और उसने हमें सब कुछ दिया है।"
Published on:
13 Feb 2026 04:36 pm
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