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पुराने बजट का हिसाब दे BJP… बजट सत्र से पहले योगी सरकार पर अखिलेश का हमला, उठाए गंभीर सवाल

UP Politics: यूपी के बजट सत्र से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने भाजपा से नए बजट की घोषणाओं से पहले पुराने बजट का हिसाब मांगा।

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लखनऊ

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Anuj Singh

Feb 09, 2026

बजट सत्र से पहले योगी सरकार पर अखिलेश बरसे

बजट सत्र से पहले योगी सरकार पर अखिलेश बरसे

Akhilesh Attacks Yogi government Before UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश में बजट सत्र आज से शुरू होने वाला है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि भाजपा को नए बजट की घोषणाओं से पहले पुराने बजट का हिसाब देना चाहिए। अखिलेश का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भाजपा पर झूठ बोलने और आत्मप्रचार पर ज्यादा खर्च करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनता का हक बनता है कि वह पिछले बजट की सच्चाई जाने। यह हमला ऐसे समय आया है जब राज्य में विकास कार्यों और बजट उपयोग पर बहस तेज हो गई है। अखिलेश ने योगी सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं।

पुराने बजट की सच्चाई बताए भाजपा

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा है कि भाजपा अगले बजट का झूठ फैलाने से पहले पिछले बजट का हिसाब दे। उन्होंने लिखा कि इससे पहले कि भाजपा अगले बजट का झूठ बखाने, उससे पहले जनता का हक़ बनता है कि पिछले बजट की सच्चाई जाने। उनका इशारा साफ है कि सरकार घोषणाएं तो बड़ी-बड़ी करती है, लेकिन उन पर अमल कितना होता है, यह जनता को पता चलना चाहिए। अखिलेश के अनुसार, भाजपा वाले अपने प्रचार पर बजट से ज्यादा खर्च करते हैं। उन्होंने कि भाजपाई आत्मप्रचार का बजट शत-प्रतिशत से भी ज़्यादा ख़र्च करते हैं कहकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाया। यह आरोप योगी सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि विपक्ष लगातार बजट के गलत उपयोग का मुद्दा उठा रहा है।

बजट सत्र से पहले उठे गंभीर सवाल

बजट सत्र शुरू होने से ठीक पहले अखिलेश का यह हमला महत्वपूर्ण है। उन्होंने पूछा है कि पिछले साल के बजट में कितने पैसे विकास पर खर्च हुए और कितने प्रचार पर। उत्तर प्रदेश में सड़कें, अस्पताल, स्कूल और रोजगार जैसे मुद्दों पर सरकार की प्रगति पर सवाल हैं। अखिलेश ने कहा कि जनता को पता चलना चाहिए कि घोषित योजनाओं का क्या हुआ। क्या किसानों को मदद मिली? क्या युवाओं को नौकरियां दी गईं? उनका कहना है कि भाजपा सिर्फ चुनावी वादे करती है, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं करती। इस बयान से सपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं और वे सोशल मीडिया पर इसे शेयर कर रहे हैं।

योगी सरकार पर आत्मप्रचार के आरोप

अखिलेश ने विशेष रूप से आत्मप्रचार पर जोर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने प्रचार पर बजट से ज्यादा पैसा बहाती है। होर्डिंग्स, विज्ञापन और इवेंट्स पर करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, जबकि जनता की जरूरतें अधर में लटकी रहती हैं। उनका कहना है कि यह "शत-प्रतिशत से भी ज़्यादा" खर्च है, जो बजट की मूल भावना के खिलाफ है। विपक्ष का दावा है कि योगी सरकार विकास के नाम पर सिर्फ दिखावा कर रही है। महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। अखिलेश ने जनता से अपील की कि वे सरकार से हिसाब मांगें।

विपक्ष की रणनीति और सरकार का जवाब

बजट सत्र में विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। अखिलेश के बयान से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब देखना है कि योगी सरकार क्या जवाब देती है। क्या वे पुराने बजट की रिपोर्ट पेश करेंगे? या नए वादों से ध्यान हटाएंगे? जनता की नजर इस पर टिकी है। अगर सरकार हिसाब नहीं देती, तो विपक्ष इसे चुनावी मुद्दा बना सकता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसे बयान अक्सर बड़े बदलाव लाते हैं।