
UP Politics: BJP के लिए चिंता बढ़ा रहा कुर्मी और लोध फैक्टर! फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज
UP Politics: उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले सभी राजनीतिक दल जमकर तैयारियों में जुटे हुए हैं। यूपी की राजनीति एक बार फिर जातीय धुरी पर घूमती दिखाई दे रही है।
30 जनवरी को महोबा में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Swatantra Dev Singh) और विधायक बृजभूषण (Brijbhushan)के बीच विवाद से उठी लहरें कुर्मी बनाम लोध के रूप में BJP की चिंता बढ़ा रही हैं। रविवार को लखनऊ में विश्वेश्वरैया हॉल में अखिल भारतीय लोधी समाज द्वारा आयोजित स्वामी ब्रह्मानंद शैक्षणिक उन्नयन एवं सामाजिक जागरूकता संगोष्ठी में केंद्रीय मंत्री BL वर्मा, प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई कद्दावर लोग शामिल हुए। इसे लोध विधायक बृजभूषण के समर्थन और आने वाले दिनों में सरकार और संगठन में भागीदारी के लिए दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
तेलंगाना में पार्टी के बागी विधायक टी राजा समेत कई चेहरों की इसमें उपस्थिति ने राजनीति को गरमाया है। बेशक इस कार्यक्रम में BJP कहीं नहीं थी, लेकिन OBC की 2 बड़ी जातियों लोधी और कुर्मी नेताओं के बीच हालिया बयानबाजी और शक्ति प्रदर्शन से पार्टी नई उलझन में फंसती नजर आ रही है। जागरूकता संगोष्ठी में विपिन कुमार वर्मा डेविड और उत्तम चंद्र उर्फ राकेश लोधी समेत कई नेता मंच पर नजर आए।
बता दें कि महोबा दौरे पर 30 जनवरी को गए कुर्मी बिरादरी से आने वाले जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने लोध बिरादरी से आने वाले विधायक बृजभूषण राजपूत ने जलजीवन मिशन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 100 ग्राम प्रधानों के साथ प्रदर्शन किया। बस यहीं से बात आगे निकलकर अब कुर्मी बनाम लोध की बन गई है।
लोध वोटर्स को BJP का परंपरागत समर्थक कहा जाता है, जो पूर्व CM कल्याण सिंह के साथ पार्टी से जुड़ा था। लोध वर्ग से अब BJP में केंद्रीय मंत्री BL वर्मा, प्रदेश सरकार में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह और बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के साथ ही सांसद साक्षी महराज, मुकेश राजपूत एवं अजेंद्र राजपूत का नाम लिया जाता है।
माना जा रहा था कि BJP इस बार धर्मपाल सिंह या BL वर्मा में से किसी को प्रदेश अध्यक्ष बनाएगी, लेकिन नए समीकरणों के तहत BJP ने कुर्मी बिरादरी से आने वाले पंकज चौधरी को कमान सौंप दी। पार्टी के रणनीतिकारों की माने तो यहां से लोध चेहरों का मलाल बढ़ना शुरू हुआ, जो स्वतंत्र देव और बृजभूषण के बीच विवाद के बाद सतह पर नजर आया। कुर्मी नेताओं के रूप में स्वतंत्र देव, राकेश सचान, आशीष पटेल एवं संजय गंगवार, जबकि केंद्र सरकार में पंकज चौधरी और अनुप्रिया पटेल को योगी सरकार में स्थान मिला है।
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Published on:
09 Feb 2026 11:02 am
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