
कुंडा विधायक राजा भैया ने बड़ा बयान दिया। फोटो सोर्स- फेसबुक (Raja Bhaiya Youth Brigade)
Raja Bhaiya Big Statement: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने विधानसभा में चार से ज्यादा बच्चों से जुड़े मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। यूपी विधानसभा के बजट सत्र 2026 के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राजा भैया ने जनसंख्या के सवाल को एक अलग दृष्टिकोण से सदन के सामने रखा। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से आयुष्मान योजना के प्रावधानों में बदलाव की मांग की।
राजा भैया ने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे परिवार बहुत कम हैं, जिनमें पति-पत्नी और चार बच्चे हों। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिनके ऐसे परिवार हैं, उनके बारे में सब जानते हैं। ऐसे में योजना के नियमों में संशोधन किया जाना चाहिए, जिससे वास्तव में जरूरतमंद और पात्र लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल सके। राजा भैया ने कहा, '' आज के समय में हम लोग अच्छी तरह से समझ सकते हैं कि कौन लोग हैं, जिनमें 4 से ज्यादा बच्चे हैं। ऐसे कितने लोग हैं। इसको ध्यान में रखते हुए इस नियम में संशोधन किया जाए।"
कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए नियमों में बदलाव की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के नियमों में स्पष्टता का अभाव है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। राजा भैया ने बताया कि योजना के अलग-अलग प्रावधानों में उम्र को लेकर विरोधाभास है। एक जगह पति-पत्नी की उम्र सीमा 60 साल निर्धारित की गई है, जबकि दूसरी जगह यह सीमा 70 साल लिखी हुई है। इस तरह के असमंजस से पात्र लाभार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उम्र से जुड़े नियमों को स्पष्ट और एक समान किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आयुष्मान योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के लिए परिवार का 6 यूनिट का होना अनिवार्य बताया गया है। यानी परिवार में पति, पत्नी और उनके 4 बच्चे होने चाहिए। राजा भैया ने इन नियमों की व्यवहारिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऐसे परिवार बहुत कम देखने को मिलते हैं, इसलिए योजना के नियमों में संशोधन कर इसे अधिक व्यावहारिक और जनहितकारी बनाया जाना चाहिए।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कुंडा विधायक राजा भैया ने कहा कि आज के समय में यह बात किसी से छिपी नहीं है कि किन लोगों के 4 से ज्यादा बच्चे हैं और ऐसे लोगों की संख्या कितनी सीमित है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक हालात को देखते हुए इस नियम को उसी नजरिए से समझने और परखने की जरूरत है। राजा भैया ने जोर देते हुए कहा कि यदि इस नियम में व्यावहारिक संशोधन किया जाता है, तो इसका लाभ समाज के एक बड़े वर्ग तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि नियमों की कठोरता के कारण कई पात्र परिवार आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं।
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Updated on:
14 Feb 2026 12:46 pm
Published on:
14 Feb 2026 12:44 pm
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