
Rescue Of Python In Kota: कोटा थर्मल सुपर पावर स्टेशन स्थित अधिशासी अभियंता (सिविल) कार्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह कर्मचारी ऑफिस खोलने पहुंचे। कार्यालय के मुख्य गेट पर करीब 7 फीट लंबा अजगर फंसा हुआ था। जैसे ही कर्मचारियों की नजर अजगर पर पड़ी, वे डर के मारे बाहर ही रुक गए और किसी ने भी ऑफिस में प्रवेश करने की हिम्मत नहीं जुटाई।
जानकारी के अनुसार अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी ऑफिस पहुंचे थे लेकिन गेट पर अजगर को देखकर सभी बाहर ही खड़े रह गए। सुरक्षा की दृष्टि से तुरंत ऑफिस में आवाजाही रोक दी गई और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
कर्मचारियों की सूचना पर प्रसिद्ध स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया गया। थोड़ी ही देर में गोविंद शर्मा अपनी टीम के साथ कोटा थर्मल पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मौके पर कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई।
स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि अजगर करीब 10 किलो वजनी था और उसने अपने शरीर को चैनल में कसकर जकड़ रखा था। अजगर अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं था, जिससे रेस्क्यू में काफी परेशानी आई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया। रेस्क्यू के बाद अजगर को जंगल में छोड़ दिया गया।
गोविंद शर्मा ने बताया कि चंबल नदी के किनारे और आसपास की कराइयों में अजगर बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। ये अक्सर शिकार की तलाश में रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों की ओर निकल आते हैं। कोटा थर्मल का क्षेत्र चंबल नदी से सटा हुआ है और आसपास जंगल भी है, इसी कारण यहां वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है।
Updated on:
10 Feb 2026 02:26 pm
Published on:
10 Feb 2026 09:38 am
