16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अनूठी पहल: नशे में फंसे लोगों को ‘नई जिंदगी’ का तोहफा देगी पुलिस, राजस्थान में बनेंगे शेल्टर हाउस

Drug Free Campaign: कोटा को नशा मुक्त बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने एक सराहनीय कदम उठाया है। नशे की लत में फंसे लोगों को नई जिंदगी देने के लिए शहर में विशेष शेल्टर हाउस बनाए जाएंगे, जहां काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास की सुविधा मिलेगी।

2 min read
Google source verification

कोटा

image

Akshita Deora

image

अंकितराज सिंह चन्द्रावत

Feb 07, 2026

Rajashtan Police Unique Initiative

फोटो: AI जनरेटेड

Unique Initiative For Drug Addicted: कोटा शहर को नशा मुक्त बनाने और नशे की गिरफ्त में फंसे लोगों को नई जिंदगी देने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने बड़ी और सराहनीय पहल की है। अब पुलिस केवल अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर ही कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि नशे के आदी लोगों को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए भी ठोस कदम उठाएगी।

इसी क्रम में पुलिस की पहल पर नशा मुक्ति के लिए विशेष शेल्टर हाउस बनाए जाने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। शेल्टर हाउस का उद्देश्य सड़कों, पुलियाओं के नीचे और सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले नशे के आदी लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना है, जहां उन्हें नशे से दूर रखकर काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास की सुविधा दी जा सके। शुरुआत में 20 से 25 लोगों की क्षमता वाला एक शेल्टर हाउस बनाया जाएगा। इसके बाद जरूरत और अनुभव के आधार पर इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जा सके।

नशा मुक्त अभियान के तहत होंगे ये काम

यह पूरी योजना नशा मुक्त अभियान और पुलिस प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘गरुड़ व्यूह’ के तहत संचालित की जाएगी। इसके माध्यम से सिटी पुलिस पहले ही अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने, तस्करों की गिरफ्तारी और नशे के अड्डों पर कार्रवाई कर रही है। अब इसको सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए नशा मुक्ति और पुनर्वास की दिशा में भी कदम बढ़ाए जा रहे हैं। पुलिस ने शहर में पुलियाओं के नीचे, रेलवे लाइन के आसपास और अन्य स्थानों पर रहने वाले स्मैक व अन्य नशों के आदी लोगों की सूची तैयार कर ली है। इन लोगों को चरणबद्ध तरीके से शेल्टर हाउस में लाकर नशे से छुड़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस अभियान में मेडिकल विशेषज्ञों, काउंसलरों और सामाजिक संगठनों का सहयोग लिया जाएगा, ताकि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर समुचित सहायता मिल सके।

पत्रिका लगातार कर रहा लोगों को जागरूक

पत्रिका रक्षा कवच नशा मुक्ति संग्राम अभियान के तहत पुलिस का मानना है कि केवल गिरफ्तारी और सजा से नशे की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इसके लिए समाज को साथ लेकर चलना और नशे के शिकार लोगों को मुख्यधारा में वापस लाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है।

शेल्टर हाउस संचालन के लिए यहां से आएगा फंड

पुलिस अधिकारियों के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के तहत की जाने वाली कार्रवाई में पुलिस को इंसेंटिव के रूप में एक निश्चित राशि प्राप्त होती है, जो जिला प्रशासन के पास जमा रहती है। इसी फंड का उपयोग प्रस्तावित नशा मुक्ति शेल्टर हाउस के संचालन में किया जाएगा। भविष्य में यदि शेल्टर हाउस के संचालन या सुविधाओं पर अतिरिक्त खर्च आता है, तो इसके लिए जिला प्रशासन से भी आर्थिक सहयोग लिया जाएगा।

शेल्टर हाउस के लिए स्थान चिह्नित

पुलिस की ओर से ऑपरेशन ‘गरुड़ व्यूह’ के तहत नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब इस अभियान को और आगे बढ़ाते हुए नशे की तस्करी और सेवन पर कार्रवाई के साथ नशे की लत से पीड़ित लोगों को इससे दूर करने के लिए पुनर्वास की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत नशा मुक्ति शेल्टर हाउस की योजना तैयार की गई है। इसके लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित कर लिया गया है। शुरुआत में 20 से 25 लोगों की क्षमता के साथ यह शेल्टर हाउस शुरू किया जाएगा, जिसे आवश्यकता अनुसार आगे विस्तार दिया जाएगा। इसके निर्माण और संचालन के लिए जिला कलक्टर को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
तेजस्वनी गौतम, सिटी एसपी, कोटा