कानपुर, May 31, 2026

आइसक्रीम और गोलगप्पे के पैसे नहीं देने पर एक पुलिसकर्मी निलंबित (फोटो- वीडियो ग्रैब)
स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने इस वीडियो पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोगों ने इसे अनुशासनहीनता बताया है तो कुछ ने इसे सामान्य मानवीय व्यवहार कहा है। पुलिस विभाग ने मामले की जांच के संकेत दिए हैं और कहा है कि वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की समीक्षा की जाएगी। इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छेड़ दी है और लोग लगातार अपनी राय साझा कर रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि PRV-1903 में तैनात पुलिसकर्मियों पर ठेला लगाने वाले गरीब दुकानदारों से बिना भुगतान किए सामान लेने का आरोप है। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही सरकार का 'कानून व्यवस्था मॉडल' है, जहां वर्दी का दबदबा दिखाकर गरीबों का हक छीना जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि पुलिस अपराधियों से निपटने में कमजोर है, लेकिन छोटे दुकानदारों पर दबाव बनाने में सक्रिय दिखती है।
मामला तूल पकड़ने के बाद सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कलक्टरगंज/डायल 112 आनंद कुमार ओझा ने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए यह प्रकरण संज्ञान में आया, जिसमें PRV-9303 पर तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा ठेला विक्रेताओं से बिना भुगतान आइसक्रीम और गोलगप्पे लेने के आरोप सामने आए हैं।
प्रारंभिक जांच में संबंधित पुलिसकर्मी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच सहायक पुलिस आयुक्त घाटमपुर को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और जनता के प्रति व्यवहार को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।कुछ इसे अनुशासनहीनता बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यवस्था पर गंभीर सवाल मान रहे हैं।
संबंधित विषय:
Published on: 31 May 2026 09:52 pm

कोई कमेंट नहीं है।
पहले कमेंट करने वाले बनें।