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जोधपुर, Jun 01, 2026

फलोदी-मुम्बई तक पहुंचने में प्रवासी नागरिकों को आ रहा पसीना, बान्द्रा-जैसलमेर सुपरफास्ट को नियमित करने का इंतजार

Indian Railways: फलोदी और आसपास के क्षेत्रों के करीब 20 हजार से अधिक लोग रोजगार, व्यापार और व्यवसाय के सिलसिले में मुंबई और उसके आसपास निवास करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में व्यापारी, मजदूर, कर्मचारी और युवा शामिल हैं, लेकिन नियमित ट्रेन नहीं होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।

Rajasthan rail track upgrade boosts train speed from 95 to 110 kmph on Samdari-Munabao section

पत्रिका फाइल फोटो

Indian Railways: फलोदी। पश्चिमी राजस्थान के महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन फलोदी के हजारों प्रवासी नागरिक परेशानी में हैं। जैसलमेर-फलोदी-बान्द्रा सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक दशक से अधिक समय से साप्ताहिक ट्रेन के रूप में संचालित हो रही है, लेकिन इसे नियमित ट्रेन का दर्जा अब तक नहीं मिल पाया है। परिणामस्वरूप मुंबई में रोजगार और व्यापार से जुड़े हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

मुंबई में बड़ी संख्या में रहते हैं फलोदी के लोग

फलोदी और आसपास के क्षेत्रों के करीब 20 हजार से अधिक लोग रोजगार, व्यापार और व्यवसाय के सिलसिले में मुंबई और उसके आसपास निवास करते हैं। इनमें बड़ी संख्या में व्यापारी, मजदूर, कर्मचारी और युवा शामिल हैं।

शादी-विवाह, धार्मिक आयोजनों और त्योहारों पर इन लोगों का अपने गांव-शहर लौटना आम बात है, लेकिन नियमित ट्रेन नहीं होने से उन्हे परेशानी झेलनी पड़ती है।

स्थिति यह है कि अधिकांश यात्रियों को पहले जोधपुर तक का सफर तय करना पड़ता है और वहां से दूसरी ट्रेनों में जगह तलाशनी पड़ती है। बड़े लगेज, परिवार और बच्चों के साथ यह सफर और भी कठिन हो जाता है।

आरक्षण खुलते ही टिकटें हो जाती हैं खत्म

बान्द्रा-जैसलमेर सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस में आरक्षण खुलते ही टिकटें खत्म हो जाती हैं। वेटिंग सूची सैकड़ों में पहुंच जाती है। त्योहारों, गर्मी की छुट्टियों और विवाह सीजन में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। यात्रियों को मजबूरन महंगे निजी वाहनों, बसों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है।

रेलवे सूत्रों के अनुसार यह ट्रेन पश्चिमी राजस्थान और मुंबई के बीच अच्छी यात्री संख्या वाली ट्रेनों में गिनी जाती है। यदि इसे नियमित किया जाए तो न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि रेलवे के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। फलोदी, ओसियां, रामदेवरा, जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। जिससे रेलवे को राजस्व भी मिलेगा।

प्रवासियों की प्रमुख मांगें

  • बान्द्रा-जैसलमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस को नियमित ट्रेन बनाया जाए
  • त्योहारों और सीजन के दौरान अतिरिक्त कोच लगाए जाएं।
  • फलोदी से मुंबई के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत की जाए।
  • यात्रियों की संख्या को देखते हुए नई नियमित ट्रेन पर भी विचार किया जाए।

कमजोर राजनीतिक पैरवी बन रही बाधा?

क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि वर्षों से मांग उठने के बावजूद उसे अपेक्षित राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पाया। फलोदी जैसे तेजी से विकसित हो रहे जिले की आवाज रेलवे बोर्ड और सत्ता के गलियारों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब अन्य क्षेत्रों को लगातार नई रेल सेवाएं और ट्रेनों का विस्तार मिल रहा है, तब फलोदी जैसे महत्वपूर्ण रेल स्टेशन की इस बहुप्रतीक्षित मांग पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

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