
लिपिक वर्गीय संघ मंगलवार को जब डीईओ आफिस का घेराव किया
आरटीई में 72 लाख रुपए की गड़बड़ी को लेकर लिपिक को सस्पेंड करने के बाद लिपिक के बचाव के लिए संघ आगे आ गया है। लिपिक वर्गीय संघ मंगलवार को जब डीईओ आफिस का घेराव किया तो डीईओ एचआर सोम यह समझकर भाग निकले कि कहीं भीड़तंत्र उसके साथ गलत बर्ताव न कर दे। ऐसे में वे अपने चेंबर से भाग निकले और सहायक आयुक्त आबकारी के चेंबर में जाकर शरण ली। तकरीबन एक घंटे बाद जब लिपिक बैरंग लौटे तो डीईओ अपने चेंबर में बैठे।
जांजगीर-चांपा. इससे पहले लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ के दर्जनों सदस्यों ने डीईओ आफिस के सामने जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों का ज्ञापन डीईओ को सौंपा है। लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ एकजुट हुए और मंगलवार को ज्ञापन सौपने के लिए डीईओ कार्यालय आए। जैसे ही कर्मचारी संघ के दर्जनों कर्मचारियों ने डीईओ के चेंबर में नारेबाजी करते प्रवेश किए तो डीईओ डर गए और अपने चेंबर से उठकर दौड़ते हुए बगल के आबकारी कार्यालय के चेंबर में घुस गए।
उन्हें कहीं न कहीं डर था कि उनके साथ कहीं लोग गलत बर्ताव न कर दें। काफी लंबे समय तक वे आबकारी कार्यालय में बैठे रहे। एक घंटे तक कर्मचारियों ने उनका इंतजार किया। फिर लिपिकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन नोडल अधिकारियों को सौंपकर चलते बने। इसके बाद मीडियाकर्मी जब सहायक आयुक्त आबकारी कार्यालय पहुंचे तो बड़ी मुश्किल से डीईओ बाहर निकले और अपने चेंबर में वापस लौटे।
पुलिस को बुलाया और एसपी को सूचना दी
एचआर सोम ने बताया कि उन्हें डर था कि कहीं भीड़ उनके साथ मारपीट न कर दे। क्योंकि कर्मचारी संगठन आक्रोशित नजर आ रहे थे। दरअसल, लोगों ने उन्हें आगाह किया था कि आपका कामकाज जिले की तासीर के लायक नहीं है। जिसका परिणाम गलत हो सकता है। जिसके चलते डीईओ (DEO) डर गए थे। उन्होंने आपबीती एडीएम एसपी से पुलिस प्रोटेक्शन की मांग की।
Published on:
08 Feb 2023 02:35 pm
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