
जैसलमेर जिले के नग्गो की ढाणी के ग्रामीण पिछले एक साल से जल संकट में जी रहे हैं। रेगिस्तान की कड़ाके की ठंड में भी पानी की तलाश में मीलों भटकना ग्रामीणों की मजबूरी है। धैर्य की सीमा टूटने पर ग्रामीण मंगलवार को पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन में उतर आए और आगामी पंचायती राज चुनावों के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी। ढाणी की अर्थव्यवस्था पशुपालन पर आधारित है।
पानी के अभाव में इंसानों के साथ-साथ पशुधन भी प्यास से दम तोड़ रहा है। घरेलू कामकाज से लेकर मवेशियों की प्यास बुझाने तक ग्रामीणों को 10 किलोमीटर दूर से टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। दूरी अधिक होने से टैंकर चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं, जिसे उठाना कमजोर आर्थिक स्थिति वाले पशुपालक परिवारों के लिए असंभव जैसा बन गया है। गांव का जीएलआर महीनों से बंद पड़ा है। पानी नहीं होने के कारण उसमें अब पक्षियों ने घोंसले बना लिए हैं। यह ढांचा पानी आपूर्ति का नहीं, विभागीय लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। प्रमुख मांगों में नियमित पाइपलाइन सप्लाई की शुरुआत, बंद पड़े जीएलआर की सफाई व क्रियाशीलता और जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्दी के मौसम में ही हालात बेहद खराब हैं, ऐसे में गर्मी के आगमन पर परेशानी बढ़ने की आशंका है।
Published on:
13 Jan 2026 08:14 pm
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