15 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शहर से सरहद तक देशभक्ति का ज्वार, बढ़ा तिरंगा फहराने का जज्बा

सीमांत जैसलमेर में गणतंत्र दिवस की आहट के साथ ही देशभक्ति का ज्वार पूरे उफान पर नजर आने लगा है। स्वर्णनगरी के शहर से लेकर सरहद तक तिरंगा फहराने का जज्बा हर चेहरे पर झलक रहा है। बाजारों, चौक-चौराहों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी दफ्तरों और सैन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय रंगों की साज-सज्जा ने वातावरण को देशप्रेम […]

2 min read
Google source verification

सीमांत जैसलमेर में गणतंत्र दिवस की आहट के साथ ही देशभक्ति का ज्वार पूरे उफान पर नजर आने लगा है। स्वर्णनगरी के शहर से लेकर सरहद तक तिरंगा फहराने का जज्बा हर चेहरे पर झलक रहा है। बाजारों, चौक-चौराहों, शिक्षण संस्थानों, सरकारी दफ्तरों और सैन्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय रंगों की साज-सज्जा ने वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया है। पीले पत्थरों के शहर में केसरिया, सफेद और हरे रंग की छटा देखते ही बन रही है। सरहदी जिले की खास पहचान रही सीमा सुरक्षा बल और आम नागरिकों के बीच का आत्मीय रिश्ता इन दिनों और मजबूत दिखाई दे रहा है। सीमा प्रहरी और स्थानीय लोग एक ही भाव, एक ही गर्व के साथ गणतंत्र दिवस के स्वागत में जुटे हैं। शहर में भी गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पूर्वाभ्यास पूरा हो गया है। देशभक्ति गीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियों के जरिए विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव जगाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थलों पर लाइटिंग ने फिजाओं में राष्ट्रीय गौरव की चमक घोल दी है। देशी-विदेशी पर्यटक भी इस माहौल से अछूते नहीं हैं। सोनार दुर्ग, गड़ीसर सरोवर और बाजार क्षेत्रों में पर्यटक तिरंगे के साथ फोटो खिंचवाते नजर आ रहे हैं।

सतर्कता के साथ उत्सव का माहौल

सीमावर्ती इलाकों में विशेष सतर्कता के साथ-साथ उत्सव का माहौल भी कायम है। गौरतलब है कि बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल की ओर से ऑपरेशन सर्द हवा चलाया जा रहा है। दूसरी ओर जवानों के लिए आयोजनों की रूपरेखा बनाई गई है, ताकि सरहद पर तैनात सैनिक भी पर्व का उल्लास महसूस कर सकें।

बाजारों में तिरंगों की धूप

इस मौके पर बाजारों में तिरंगा झंडों से लेकर तिरंगी झंडियां और कई तरह के टी-शर्ट, टोपियां, हैंड बैंड आदि उपलब्ध हैं। पिछले कुछ वर्षों से घर-घर तिरंगा फहराने के प्रति आमजन की दिलचस्पी इस राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में लगातार बढ़ती जा रही है। पहले राष्ट्रीय पर्व सरकारी स्तर पर मनाने तक ही सीमित रहा था, अब स्थितियों में बदलाव आया है। जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों व सैन्य और अद्र्धसैनिक बलों के अलावा, विद्यालयों, संस्थाओं के दफ्तरों से लेकर निजी कम्पनियों के कार्यालयों से लेकर निजी दुकानों व घरों की छतों व मुंडेरों पर सोमवार को तिरंगा फहराए जाने की पूरी तैयारी हो गई है।

महाराष्ट्र में बनते हैं खादी के झंडे

खादी के वस्त्र पर आधिकारिक रूप से तिरंगे झंडे महाराष्ट्र के नांदेड़ शहर में प्रमुखता से किया जाता है। वहां तैयार होने वाले झंडे खादी संस्था गांधी दर्शन में मिलते हैं। यहां 2 गुणा 3, 3 गुणा 4.5 और 6 गुणा 4 फीट के तिरंगे झंडे मिलते हैं। हर वर्ष सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं के साथ निजी कम्पनियों व अन्य लोगों की ओर से झंडे खरीदे जाते हैं। शहर के अनेक रेडिमेड वस्त्र विक्रेताओं के यहां तिरंगा झंडों के रंग में रंगे टी-शर्ट प्रचूरता से उपलब्ध हैं। ऐसे ही स्टेशनरी की दुकानों में तिरंगा झंडियां, हैंड बैंड, बैज, स्टीकर्स, पोस्टर्स आदि सजाए गए हैं। गणतंत्र दिवस पर इन सभी सामग्री की स्कूली बच्चों के साथ अन्य आमजन विशेषकर युवाओं में मांग है।