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Yamuna Water : राजस्थान में 3 पाइपलाइन से आएगा यमुना का पानी, ₹32 हजार करोड़ का किया प्रावधान, जल्द होगी घोषणा

Yamuna Water : यमुना के पानी पर अपडेट है। हरियाणा से तीन पाइप लाइनों के जरिए यमुना का पानी राजस्थान पहुंचेगा। इस प्राेजेक्ट का निर्माण 32 हजार करोड़ रुपए से होगा। बजट में इसका प्रावधान किया गया है।

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Yamuna water will come to Rajasthan through 3 pipelines ₹32 thousand crore provision announcement soon

फाइल फोटो पत्रिका

Yamuna Water : हरियाणा से तीन पाइप लाइनों के जरिए यमुना का पानी राजस्थान पहुंचेगा। इस प्राेजेक्ट का निर्माण 32 हजार करोड़ रुपए से होगा। बजट में इसका प्रावधान किया गया है और जल्द काम शुरू करने की घोषणा की गई है। यमुना जल लाने के लिए अलाइनमेंट फाइनल हो चुका है। इसमें हरियाणा में हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाले हेड) से चूरू के हासियावास तक करीब 265 किलोमीटर लंबाई में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। चूरू, सीकर, झुंझुनूं जिले को 577 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मिलेगा। पहले चरण में तीनों जिलों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल उपलब्ध होगा।

दूसरे चरण में चूरू जिले में 35000 हेक्टेयर और झुंझुनूं जिले में 70000 हेक्टेयर में सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। इसे लेकर पिछले वर्ष दिल्ली में राजस्थान और हरियाणा के बीच एमओयू हुआ था। हाल ही केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने परियोजना की समीक्षा कर जल्द काम शुरू करने के लिए कहा था।

पंप हाउस बनाएंगे

ताजेवाला हेड से अलग-अलग पाइपलाइन के जरिए पानी लाया जाएगा। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज (ताजेवाले हेड) पर खुद का पंप हाउस (इंटेक) बनाएंगे, ताकि पानी वितरण को लेकर हरियाणा पर किसी तरह की निर्भरता नहीं रहे। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अफसर अधिकारिक तौर पर वास्तविक जानकारी देने से बचते रहे।

इसलिए भी प्रोजेक्ट की अहमियत

1- हरियाणा के यमुना नदी बेसिन से राजस्थान के हिस्से का निर्धारित पानी लिया जाएगा।
2- चूरू, सीकर, झुंझुनूं के ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट और सूखे से निपटने के लिए योजना गेमचेंजर साबित हो सकती है।
3- पाइपलाइन नेटवर्क में अत्याधुनिक पंपिंग स्टेशन और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे पानी का लॉस न्यूनतम रहे।

32 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 32 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री के लगातार प्रयास के बाद यह संभव हो पाया है। शेखावाटी की तीन दशक पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है।
सुरेश रावत, जल संसाधन मंत्री