
सचिन पायलट। फाइल फोटो पत्रिका
Valentine's Week : प्यार के इजहार का सप्ताह वैलेंटाइन वीक शुरू हो गया है। राजस्थान कई प्रेम कहानियों के लिए चर्चित है। राजस्थान की राजनीति में भी एक लव स्टोरी पनपी थी जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थी। सचिन पायलट और सारा अब्दुल्ला की लव स्टोरी सभी के जुबां पर है। यह कहानी प्यार, परिवार के विरोध और व्यक्तिगत फैसलों की मजबूती को दर्शाती है। पर अंत भला तो सब भला, जीहां… आखिर में प्रेम की जीत हो जाती है। जानें इस प्रेम कहानी के बारे में।
सचिन पायलट और सारा अब्दुल्ला की प्रेम कहानी का अंजाम तक पहुंचना इतना आसान नहीं थी। प्रेम कहानी की शुरूआत विदेश में एमबीए की पढ़ाई के दौरान हुआ। मुलाकातें, संवाद होने लगे और प्रेम की पींगे तेजी से बढ़ने लगी। एक वक्त आया जब यह तय हुआ है कि दोनों शादी करेंगे। पर यह डगर इतनी आसान नहीं थी।
प्यार के बीच मजहब की दीवार थी। सचिन पायलट जहां हिन्दू (गुर्जर) तो सारा अब्दुल्ला मुसलमान धर्म से आती थी। सचिन पायलट राजेश-रमा पायलट के बेटे थे। जो कांग्रेस के बड़े नेता थे। वहीं दूसरी तरफ सारा, फारुक अब्दुल्ला की बेटी और उमर अब्दुल्ला की बहन थी। दोनों के ताल्लुकात बड़ी राजनीतिक पार्टी से थे।
दोनों ने अपनी कहानी का जिक्र अपने परिवार के लोगों से किया। काफी मान-मनुहार करने के बाद भी दोनों की फैमली इस शादी के खिलाफ थी। ताज्जुब की बात है कि सारा की मां क्रिश्चयन थीं। फिर भी फारुक अब्दुल्ला व उमर अब्दुल्ला इस रिश्ते को स्वीकार नहीं कर रहे थे।
पर दोनों ने हिम्मत नहीं हारी थी। साल 2004 में सचिन व सारा ने शादी का फैसला किया। आखिरकार सचिन की मां रमा पायलट की मौजूदगी में दोनों परिणय सूत्र में बंधे। पर अब्दुल्ला परिवार की तरफ से इस शादी में कोई शामिल नहीं हुआ। जैसे-जैसे वक्त गुजरा अब्दुल्ला परिवार ने भी इस रिश्ते को मंजूरी दी। इस शादी से दंपति के दो बेटे हुए। जिसमें एक नाम आरन और विहान है। पर अब रिश्ते में एक विराम लग गया है….।
सचिन को 'पायलट' नाम विरासत में मिला है। वर्ष 2004 में महज 26 साल की उम्र में सचिन पायलट दौसा से लोकसभा सांसद चुने गए। लोकसभा चुनाव 2009 में सचिन पायलट अजमेर सीट से सांसद चुने गए। साल 2012 में डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के कार्यकाल में सचिन पायलट केन्द्रीय मंत्री भी रहे। अभी राजस्थान की टोंक सीट से सचिन पायलट कांग्रेस के विधायक हैं।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सचिन पायलट का जन्म हुआ था। मूलरूप से ये वेदपुरा ग्रेटर नोएडा के रहने वाले हैं। इनके पिता का नाम राजेश्वर प्रसाद बिधूड़ी उर्फ राजेश पायलट है। मां का नाम रमा पायलट है। यूपी के होने के बावजूद राजेश पायलट, रमा पायलट व बेटे सचिन पायलट का कर्मक्षेत्र राजस्थान रहा है। राजेश पायलट भरतपुर और दौसा से लोकसभा सांसद रहे हैं। वहीं रमा पायलट दौसा से लोकसभा सांसद थीं।
Published on:
08 Feb 2026 04:17 pm
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