
— भारत के आरडीएसएस के नेतृत्व वाले बिजली वितरण सुधारों को कंपनी दे रही गति
जयपुर। पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग ने अपनी एएमआईएसपी एवं बिजली वितरण यात्रा में भारत सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत बाजारों में 10 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों का विनिर्माण कर उन्हें लगाने का एक बड़ा कीर्तिमान हासिल करने की घोषणा की। यह उपलब्धि इस देश में वृहद स्तर पर स्मार्ट मीटरिंग को अपनाने और बिजली क्षेत्र के डिजिटलीकरण में पोलारिस की अहम भूमिका रेखांकित करती है।
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग के भागीदारों की उपस्थिति में जयपुर में पोलारिस की अत्याधुनिक इकाई में 10 लाखवें स्मार्ट मीटर का अनावरण इस उपलब्धि का प्रतीक था। यह इकाई देशज विनिर्माण, प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता और राष्ट्रीय सुधार प्राथमिकताओं के हिसाब से बड़े पैमाने पर काम करने की प्रतिबद्धता को दिखाती है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईएएस, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) और राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (आरवीपीएन) के चेयरमैन अजिताभ शर्मा ने आरडीएसएस के उद्देश्यों को हासिल करने में स्मार्ट मीटरिंग का महत्व रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “अक्षय ऊर्जा की तेज वृद्धि और बैटरी ऊर्जा स्टोरेज के हमारे विस्तार की योजना के साथ स्मार्ट मीटर मांग में लचीलेपन और ग्रिड प्रबंधन में एक केंद्रीय भूमिका निभाएंगे। इसका सही मूल्य जबरदस्त डेटा प्रबंधन प्रणालियों, एकीकृत प्लेटफॉर्मों और सोच समझकर निर्णय करने में निहित है जिससे ग्रिड दृश्यता और परिचालन दक्षता मजबूत होता है।”
इस कीर्तिमान को लेकर पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग के संस्थापक और सीईओ यशराज खेतान ने कहा, “10 लाख स्मार्ट मीटर का आंकड़ा पार करना पोलारिस के लिए निश्चित तौर पर एक ऐतिहासिक क्षण है और आरडीएसएस के तहत हमारी क्रियान्वयन क्षमताओं का एक मजबूत प्रमाणन है। यह बिजली वितरण कंपनियों और राज्य सरकारों द्वारा हमारे ऊपर किए गए विश्वास और जमीनी स्तर पर हमारी टीमों के अथक प्रयासों को परिलक्षित करता है। हमारे एएमआई सॉल्यूशंस भारत में एक अधिक स्मार्ट, अधिक कुशल और वित्तीय रूप से टिकाऊ बिजली वितरण पारितंत्र की नींव डालते हुए बिजली वितरण कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच दो तरफा संचार सुगम बनाते हैं।”
बिजली क्षेत्र की रीढ़
पोलारिस ग्रुप के चेयरमैन राजीव शर्मा ने कहा, “पोलारिस ग्रुप द्वारा 10 लाख वें स्मार्ट मीटर की उपलब्धि देखना हमारे लिए अत्यधिक गर्व का क्षण है। स्मार्ट मीटरिंग, वित्तीय रूप से व्यवहारिक बिजली क्षेत्र की रीढ़ है। एटीएंडसी नुकसान घटाकर और अक्षय ऊर्जा का निर्बाध एकीकरण सुगम कर हम हमारी बिजली वितरण कंपनियों के लिए एक टिकाऊ भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं। सतत प्रयासों से पोलारिस जल्द ही 20 लाख मीटरों के विनिर्माण का कीर्तिमान स्थापित करेगी।” इस व्यापक स्तर पर एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (एएमआई) की स्थापना सटीक बिलिंग में सुधार लाकर, घाटे को कम कर, कंपनियों के परिचालनों को मजबूती प्रदान कर और उपभोक्ता को अधिक पारदर्शिता एवं बिजली के उपयोग पर नियंत्रण देकर बिजली वितरण में परिवर्तन लाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विनिर्माण क्षमता 10 लाख मीटर
पोलारिस की वर्तमान विनिर्माण क्षमता 50 लाख मीटरों की है और यह अपनी अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई पोलारिस नोवा का भी विस्तार कर रही है जिससे इसकी उत्पादन क्षमता 2026 के मध्य तक 50 लाख मीटरों से बढ़कर एक करोड़ मीटरों तक पहुंच जाएगी। पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग, विनिर्माण और तैनाती से लेकर सिस्टम एकीकरण और डेटा सुरक्षा तक एंड-टु-एंड स्मार्ट मीटर रोलआउट के लिए विभिन्न राज्यों में बिजली वितरण कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है। इसके सॉल्यूशंस मजबूत, अंतर-संचालनीय और विस्तार योग्य हों, इस लिहाज से डिजाइन किए गए हैं जिनसे बिजली वितरण कंपनियों को उनकी दीर्घकालीन डिजिटल परिवर्तन यात्रा में सहयोग मिल रहा है। दस लाख स्मार्ट मीटरों का कीर्तिमान भारत के स्मार्ट मीटरिंग कार्यक्रम की बढ़ती गति दर्शाता है और साथ ही भविष्य के लिए तैयार, उपभोक्ता केंद्रित बिजली वितरण नेटवर्क के निर्माण में सरकार और बिजली वितरण कंपनियों के साथ साझीदारी को लेकर पोलारिस स्मार्ट मीटरिंग की प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है।
Published on:
11 Feb 2026 08:15 am
