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Rajasthan Budget 2026 : ‘बजट स्पीच’ में दिया कुमारी ने तोडा रिकॉर्ड, लेकिन अशोक गहलोत अब भी टॉप पर

उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में 2 घंटे 54 मिनट लंबा बजट भाषण देकर सबको हैरान कर दिया। यह दिया कुमारी के अब तक के राजनीतिक करियर का सबसे लंबा बजट भाषण है।

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diya kumari

जयपुर। राजस्थान की राजनीति में बजट भाषण अब केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि धैर्य और वाकपटुता की परीक्षा भी बन गया है। बुधवार, 11 फरवरी 2026 को उप-मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने विधानसभा में 2 घंटे 54 मिनट लंबा बजट भाषण देकर सबको हैरान कर दिया। यह दिया कुमारी के अब तक के राजनीतिक करियर का सबसे लंबा बजट भाषण है। उन्होंने न केवल पिछली बार के अपने रिकॉर्ड को ध्वस्त किया, बल्कि राजस्थान के संसदीय इतिहास में सबसे लंबे भाषण देने वाले चुनिंदा नेताओं की फेहरिस्त में भी शामिल हो गईं।

हर साल बढ़ा भाषण का ग्राफ

दिया कुमारी ने जब से वित्त मंत्रालय संभाला है, उनके बजट भाषण की अवधि लगातार बढ़ती जा रही है।

  • बजट 2024-25: दिया कुमारी ने अपना पहला पूर्ण बजट 2 घंटे 17 मिनट में पढ़ा था।
  • बजट 2025-26: पिछले साल उन्होंने अपनी गति बढ़ाई और 2 घंटे 50 मिनट तक सदन को संबोधित किया।
  • बजट 2026-27: इस बार उन्होंने 2 घंटे 54 मिनट का समय लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया।

लगातार तीन सालों तक इतने लंबे समय तक खड़े रहकर बजट पढ़ना उनकी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा को दर्शाता है।

अशोक गहलोत का वो 'अजेय' रिकॉर्ड: 3 घंटे 20 मिनट

भले ही दिया कुमारी ने अपने रिकॉर्ड तोड़े हों, लेकिन राजस्थान के इतिहास में सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम दर्ज है।

  • रिकॉर्ड: साल 2023 में अशोक गहलोत ने 3 घंटे 20 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा था।
  • उस भाषण के दौरान ही 'पुराना बजट' पढ़ने वाली घटना भी हुई थी, जिसके कारण सदन की कार्यवाही रुकी और भाषण की कुल अवधि बढ़ गई थी। दिया कुमारी अब गहलोत के उस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुँच गई हैं।

लंबी स्पीच के पीछे का 'राज': घोषणाओं का अंबार

इतना लंबा भाषण केवल समय काटने के लिए नहीं था। दिया कुमारी के 174 मिनट के संबोधन में राजस्थान के हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ था।

  • कारण: इस बार बजट में सड़कों (1800 करोड़), संभागों को सिग्नल फ्री करने (2300 करोड़), और भरतपुर जैसे जिलों के लिए भारी-भरकम योजनाओं का समावेश था।
  • बारीकियां: दिया कुमारी ने हर योजना की बारीकियों और उसके प्रभाव को विस्तार से समझाया, जिसके कारण भाषण की अवधि बढ़ती चली गई।

विधानसभा में 'सहनशक्ति' का इम्तिहान

जब वित्त मंत्री करीब 3 घंटे तक बोलती रहीं, तो सदन में सन्नाटा और उत्सुकता दोनों बनी रही। विपक्षी खेमे से बीच-बीच में टोका-टाकी भी हुई, लेकिन दिया कुमारी ने बिना रुके अपना संबोधन जारी रखा। बीच-बीच में उन्होंने पानी पीकर अपनी ऊर्जा को बनाए रखा और अंत में एक ऊर्जस्वी मुस्कान के साथ अपना भाषण समाप्त किया।

सोशल मीडिया पर चर्चा: "दिया कुमारी की मैराथन स्पीच"

जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही समाप्त हुई, सोशल मीडिया पर दिया कुमारी के भाषण की अवधि चर्चा का विषय बन गई। नेटीजन्स उनके धैर्य की तारीफ कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बजट भाषण की लंबाई इस बात का प्रतीक है कि सरकार के पास प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ा और विस्तृत विजन (Vision 2047) है।