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Rajasthan Budget 2026: आम से खास तक किसे क्या मिला? बस एक क्लिक में यहां पढ़ें पूरी डिटेल

Rajasthan Budget: राजस्थान बजट 2026 में सरकार ने युवाओं, किसानों, महिलाओं, कर्मचारियों और उद्योगों के लिए कई घोषणाएं कीं। स्वास्थ्य-शिक्षा पर जोर, रोजगार योजनाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और सामाजिक सुरक्षा स्कीमों का विस्तार किया गया।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 11, 2026

Rajasthan Budget 2026

Rajasthan Budget 2026 (Patrika Photo)

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में साल 2026-27 का बजट पेश किया, जिसका आकार 21.52 लाख करोड़ रुपए रखा गया। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 41.39 प्रतिशत अधिक है।
लगभग तीन घंटे के बजट भाषण में किसानों, महिलाओं, युवाओं, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए वित्त मंत्री का मुंह मीठा कराया।

सरकार ने युवाओं के लिए चार लाख नौकरियों का रोडमैप पेश किया है। साथ ही 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए 20 हजार रुपए का ई-वाउचर देने की घोषणा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च और 42 हजार किलोमीटर सड़क नेटवर्क विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।

आमजन की सुविधा के लिए ‘राज सुरक्षा’ योजना के तहत बिना दस्तावेज सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मुफ्त इलाज मिलेगा। मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए स्टैंप ड्यूटी में कटौती और लोन रजिस्ट्री व्यवस्था लागू की जाएगी। किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए के ब्याजमुक्त कर्ज और गेहूं पर 150 रुपए अतिरिक्त बोनस देने का एलान भी किया गया है।

इसके अलावा अन्य राज्यों की गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट, सरकारी अस्पतालों में मौत पर शव को घर तक मुफ्त पहुंचाने, 10 करोड़ पौधे लगाने, दूध पर 700 करोड़ का बोनस, 60 नए CNG स्टेशन और 250 ईवी चार्जिंग प्वाइंट खोलने की घोषणाएं हुईं।

किसानों से उद्योग तक मेगा एलान

राजस्थान बजट 2026 में वित्त मंत्री दीया कुमारी ने विकास, निवेश, पर्यावरण और कृषि को केंद्र में रखते हुए कई बड़े फैसले किए हैं। सरकार ने पुराने कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, खनन, ऊर्जा और किसानों के लिए व्यापक योजनाओं का खाका पेश किया है। बजट में प्रभावी पूंजीगत खर्च 1 लाख करोड़ से अधिक रहने का अनुमान है, जबकि विकास कार्यों के लिए 53,978 करोड़ का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल की तुलना में 36.9% अधिक है।

कर्ज प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा जोर

राज्य सरकार पहली बार ‘स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटी स्विचिंग’ प्रक्रिया शुरू कर रही है, जिससे पुराने कर्ज का बोझ कम होगा और वित्तीय संतुलन मजबूत होगा। RBI के गारंटी रिडेम्पशन फंड में निवेश से इस साल 600 करोड़ और अगले साल 750 करोड़ की बचत का अनुमान है। बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर 51,000 करोड़ से अधिक खर्च किया जाएगा। साथ ही कंसोलिडेटेड सिंकिंग फंड में 2,934 करोड़ का निवेश कर वित्तीय स्थिरता का संदेश दिया गया है।

उद्योगों को राहत, बिना फिजिकल इंस्पेक्शन शुरू होंगे प्रोजेक्ट

निवेशकों के लिए ‘वन एप्लीकेशन, वन डिजिटल ट्रैक’ व्यवस्था लागू होगी, जिससे सभी विभागीय मंजूरी एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। कम जोखिम वाले उद्योगों में फिजिकल इंस्पेक्शन खत्म करने की घोषणा हुई है। RIPS योजना का दायरा बढ़ाकर सर्विस सेक्टर और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण को भी शामिल किया गया है। टेक्सटाइल उद्योग को अतिरिक्त कैपिटल और पेरोल सब्सिडी मिलेगी, जबकि कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को थ्रस्ट सेक्टर घोषित किया गया है।

EV, CNG और खनिज रिसर्च को बढ़ावा

प्रदेश में 250 नए EV चार्जिंग स्टेशन और 60 नए CNG स्टेशन लगाए जाएंगे। GSI के सहयोग से हाई-टेक खनिज कोर लाइब्रेरी बनेगी, जिससे रिसर्च और खनन क्षेत्रों की खोज को बढ़ावा मिलेगा। पुराने टैक्स मामलों के समाधान के लिए नई एमनेस्टी योजनाएं लाई जाएंगी, जिनसे व्यापारियों को ब्याज और पेनल्टी में राहत मिलेगी।

खनन और निर्माण में नई नीतियां

सरकार 100 नए माइनर मिनरल प्लॉट्स और नए मेजर मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी करेगी। खातेदारी जमीन पर खनन की अनुमति आसान की गई है और प्रीमियम 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है। सरकारी निर्माण में M-Sand का उपयोग 25% से बढ़ाकर चरणबद्ध तरीके से 50% करना अनिवार्य होगा।

टैक्स राहत और वाहन नीति में बदलाव

अन्य राज्यों से खरीदे गए निजी वाहनों के राजस्थान रजिस्ट्रेशन पर अब 50% टैक्स छूट मिलेगी। सभी ऋणों पर स्टैंप ड्यूटी घटाकर 0.125% और रजिस्ट्रेशन शुल्क 0.5% कर दिया गया है। भारी मालवाहक वाहनों के लिए वन-टाइम टैक्स विकल्प दिया जाएगा, जबकि पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स दरें संशोधित होंगी।

घर बैठे जमीन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल सुधार

ई-रजिस्ट्रेशन से अब जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री घर बैठे होगी। प्रदेश के सभी 106 उप-पंजीयन कार्यालयों को मॉडल कार्यालय बनाया जाएगा और अपीलों का निस्तारण 60 दिन में अनिवार्य होगा। इससे भ्रष्टाचार और देरी कम करने का लक्ष्य है।

डेयरी, पर्यावरण और जल संरक्षण

डेयरी डेवलपमेंट फंड 1000 करोड़ से बढ़ाकर 2000 करोड़ किया गया है। सरस ब्रांड अब यूपी और एमपी में विस्तार करेगा। अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे और 2047 तक 20% ग्रीन कवर का लक्ष्य रखा गया है। ‘पृथ्वी प्रोजेक्ट’ पर 1500 करोड़ खर्च कर मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की योजना है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन 2.0 के तहत 5000 गांवों में 1.10 लाख वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे।

अरावली संरक्षण के लिए बड़ा प्रोजेक्ट

अरावली की 4000 हेक्टेयर भूमि का कायाकल्प किया जाएगा। अवैध खनन रोकने के लिए सुरक्षा दीवारें बनेंगी और स्थानीय प्रजातियों के पौधों का बड़े पैमाने पर रोपण होगा। इससे इको-टूरिज्म और वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

किसानों के लिए मेगा पैकेज

35 लाख किसानों को 25,000 करोड़ का ब्याजमुक्त लोन देने का लक्ष्य है। 4,000 किसानों को ग्रीनहाउस और पॉलीहाउस के लिए 200 करोड़ का अनुदान मिलेगा। मंडियों के विकास पर 350 करोड़ खर्च होंगे और ‘मिशन राज गिफ्ट’ शुरू किया जाएगा। 2.5 लाख किसानों को मुफ्त बीज और हर पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट स्थापित की जाएगी।

सिंचाई, तारबंदी और मशीनरी पर सहायता

20,000 किमी तारबंदी के लिए 228 करोड़ और 36,000 फॉर्म पॉन्ड के लिए 585 करोड़ का अनुदान दिया जाएगा। 3 लाख किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर सुविधा मिलेगी। 50,000 नए सोलर पंप लगाए जाएंगे और कृषि मशीनों पर 160 करोड़ सब्सिडी दी जाएगी। 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित होंगे, जहां किसान मशीनें किराए पर ले सकेंगे।

शेखावाटी को यमुना जल से लेकर AI आधारित शासन तक बड़े एलान

बजट में ग्रामीण विकास, कृषि, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, डिजिटल गवर्नेंस और आधारभूत ढांचे पर विशेष जोर दिया गया है। इस बजट में जहां शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल परियोजना जैसी जीवनदायिनी योजना को गति देने की घोषणा की गई, वहीं सरकारी कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों के लिए कई नई योजनाएं और सुधार भी प्रस्तावित किए गए।

सबसे बड़ा आकर्षण शेखावाटी क्षेत्र के लिए घोषित यमुना जल परियोजना रही, जिसके तहत हथिनीकुंड बैराज से पानी लाने के लिए लगभग 32,000 करोड़ की लागत वाली परियोजना को आगे बढ़ाने का एलान किया गया। लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे इस क्षेत्र के लोगों के लिए यह योजना बड़ी राहत मानी जा रही है।

इसके साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को ‘स्टेट पंचायत अवॉर्ड’ देने और 1.5 लाख जनप्रतिनिधियों एवं कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिंग देने की भी घोषणा की गई, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।

किसानों के लिए बजट में आधुनिक कृषि तकनीक, प्रोसेसिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। सरकार किसानों को केवल उत्पादक नहीं बल्कि ‘प्रोसेसर’ बनाने की दिशा में कदम उठाएगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। वहीं आदिवासी क्षेत्रों में लंबित राजस्व रिकॉर्ड की समस्या दूर कर खातेदारी अधिकार देने का फैसला भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों को क्या मिला

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’ की घोषणा की गई है, जिसमें डिजिटल बैंकिंग, सस्ती दरों पर लोन और बीमा सुविधाएं शामिल होंगी। यह सुविधा 70 वर्ष तक के पेंशनर्स को भी मिलेगी। इसके अलावा आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने का भी एलान किया गया है। अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देकर प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है।

साइबर अपराध और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए R4C सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। ACB के रिवॉल्विंग फंड को 4 करोड़ से बढ़ाकर 7 करोड़ किया गया है और 5,000 नए शहरी होमगार्ड वॉलंटियर्स की भर्ती का प्रस्ताव रखा गया है। जयपुर, जोधपुर, अलवर और उदयपुर में नई सेंट्रल जेलें बनाने के साथ बंदियों के जीवन स्तर सुधारने के लिए 1,200 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

ग्राम पंचायतों और सचिवालयों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 3,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। साथ ही उद्यमियों को सरकारी वर्क ऑर्डर मिलने पर कार्यशील पूंजी की कमी न हो, इसके लिए बैंकों और NBFC के माध्यम से आसान लोन उपलब्ध कराने की योजना लाई गई है। सार्वजनिक खरीद में ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को प्राथमिकता दी जाएगी।

नई IT व डेटा पॉलिसी लाएंगे

डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए ‘राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन’ (RITI) का गठन किया जाएगा और नई IT व डेटा पॉलिसी लाई जाएगी। AI/ML आधारित डेटा रिपोजिटरी, जियो स्पेशल पॉलिसी और CMO के अधीन ‘PRAMAAN’ यूनिट की स्थापना से नीति निर्माण और शासन प्रक्रिया में डेटा आधारित निर्णय लिए जाएंगे। सरकारी खरीद के लिए सिंगल प्रोक्योरमेंट पोर्टल और रिवर्स ऑक्शन की व्यवस्था भी शुरू होगी।

अब ई-मित्र की 100 सेवाएं व्हाट्सएप पर उपलब्ध होंगी और सभी नगरीय निकायों में ‘स्मार्ट सेवा केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे, जिससे लोगों को सरकारी कामों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जन आधार डेटाबेस को सभी विभागों से जोड़कर योजनाओं का लाभ स्वतः पात्र लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जाएगी।

युवाओं के लिए सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे राजस्थान एविएशन ट्रेनिंग का नया केंद्र बनेगा। सीकर, झुंझुनू और भरतपुर में एयरपोर्ट के लिए फीजिबिलिटी स्टडी शुरू होगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जैसलमेर में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन, थार सांस्कृतिक सर्किट और 5,000 करोड़ का पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान लाया गया है। शेखावाटी की हवेलियों को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दिलाने और उनके सुंदरीकरण के लिए 200 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

महिला सशक्तिकरण के तहत ‘लखपति दीदी’ योजना में लोन सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख कर दी गई है और ग्रामीण क्षेत्रों में ‘वूमेन BPO’ खोले जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों को ‘नंद घर’ में बदलने, बिजली कनेक्शन देने और AI आधारित लाइव मेंटरिंग शुरू करने का ऐलान भी किया गया है।

CHC स्तर पर हार्ट अटैक की पहचान और प्राथमिक उपचार

स्वास्थ्य क्षेत्र में ‘राज सुरक्षा’ योजना शुरू होगी, जिसके तहत CHC स्तर पर हार्ट अटैक की पहचान और प्राथमिक उपचार की सुविधा मिलेगी। सड़क हादसों के लिए गोल्डन ऑवर मैनेजमेंट, नई ट्रॉमा पॉलिसी, CPR ट्रेनिंग अनिवार्य और 250 नई एम्बुलेंस शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

RUHS में नियोनेटल ICU, नए मेडिकल उपकरण और अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है। दस्तावेजों की कमी होने पर भी पात्र परिवारों को निशुल्क इलाज सुनिश्चित करने का फैसला लिया गया है।

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मानसिक स्वास्थ्य के लिए जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा और जिला अस्पतालों में साइकोलॉजिकल काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। स्कूलों में मासिक मेंटल हेल्थ सेशन अनिवार्य होंगे। शिक्षा क्षेत्र में 400 ‘राइज स्कूल’, AI लैब, स्कूल ऑन व्हील्स और मेधावी छात्रों को 20,000 का ई-वाउचर देने की घोषणा की गई है। युवाओं को 10 लाख तक का बिजनेस लोन, नए टेक्नो हब और व्यावसायिक शिक्षा का विस्तार भी प्रस्तावित है।

सैनिक परिवारों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाई गई है और इंटीग्रेटेड सैनिक परिसर बनाए जाएंगे। विज्ञान और अंतरिक्ष में रुचि बढ़ाने के लिए स्पेस गैलरी और STEM शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। धार्मिक पर्यटन के लिए खाटू श्याम जी, पुष्कर और अन्य धार्मिक स्थलों पर मॉडल रोड बनाई जाएंगी और भरतपुर में 100 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर बनेगा।

श्रमिकों के लिए डिजिटल एप

जनजातीय परिवारों के लिए DBT के जरिए 1200 प्रति माह सहायता, श्रमिकों के लिए डिजिटल ‘श्रम सेतु’ ऐप और किशोरी बालिकाओं के लिए पोषण योजनाएं भी शामिल हैं। अस्पतालों में परिजनों के लिए विश्रामगृह, अटल आरोग्य फूड कोर्ट और ‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा शुरू की जाएगी।

वित्त मंत्री ने NTA की तर्ज पर राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी बनाने की घोषणा की, जिससे भर्ती और परीक्षाओं की प्रक्रिया पारदर्शी और आधुनिक बनेगी। कुल मिलाकर यह बजट राजस्थान को डिजिटल, समावेशी और विकासशील राज्य बनाने की दिशा में एक व्यापक और बहुआयामी रोडमैप प्रस्तुत करता है, जिसमें ग्रामीण से शहरी और युवाओं से वरिष्ठ नागरिकों तक सभी वर्गों को शामिल करने का प्रयास दिखाई देता है।