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राजस्थान बजट 2047: 4.3 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का महाप्लान; युवा, महिला और किसानों के लिए खुल सकता है पिटारा

राजस्थान सरकार आज बजट 2026 पेश करेगी, जिसमें विजन 2047 के तहत 4.3 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का रोडमैप दिख सकता है। किसान, युवा, महिला उद्यमियों, रोजगार, ग्रीन एनर्जी, MSME, इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास पर खास फोकस रहने की संभावना है।

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जयपुर

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Arvind Rao

Feb 11, 2026

Rajasthan Budget 2026

Rajasthan Budget 2026 (Patrika File Photo)

Rajasthan Budget 2026: राजस्थान सरकार बुधवार को बजट पेश करने जा रही है। बड़ी चर्चा यही है कि रोडमैप के तौर पर पेश किए गए मोदी सरकार के विजन 2047 की झलक इस बजट में नजर आएगी।

साल 2030, 2035 और 2040 के मध्यावधि लक्ष्य भी तय किए जा सकते हैं। राज्य सरकार भी इसी दिशा में होमवर्क कर रही है। इसमें किसान, युवा, महिला उद्यमियों और बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर रहेगा। यह बजट पिछले बजट की 'ग्रीन' थीम से थोड़ा आगे बढ़कर विकास, रोजगार, ग्रामीण तथा कृषि-समर्थन पर केंद्रित नजर आ सकता है।

पिछले एक साल में सरकार ने विजन 2047 के तहत कई बड़े लक्ष्य तय किए हैं। बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की प्राथमिकताओं की असली परीक्षा होगा। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर बनाने की परिकल्पना की गई है। इस दस्तावेज को प्रमुख रूप से 4 थीम और 13 सेक्टर में बांटा गया है। कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी 60 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य भी है।

बजट में बदलाव की धुरी की उम्मीद, संतुलन तो कहीं समाधान की जरूरत

  • ग्रीन एनर्जी, स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन पर प्राथमिक निवेश
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक समाधान पर फोकस
  • इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने पर जोर
  • एमएसएमई को आसान क्रेडिट और क्लस्टर सपोर्ट
  • रोजगार योजनाओं में परिणाम आधारित खर्च
  • ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में नई राहत
  • कौशल प्रशिक्षण को इंडस्ट्री डिमांड से जोड़ना
  • ग्रामीण-शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलन
  • चुनिंदा शहरों में केंद्रित अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर
  • विभागों के लिए टारगेट आधारित बजट मॉडल

हर सेक्टर के लिए तय होंगे टारगेट और टाइमलाइन

  • इंडस्ट्री: ईज ऑफ डूइंग से ईज ऑफ इम्प्लीमेंटेशन
  • विजन 2047 में औद्योगिक निवेश, मैन्युफैक्चरिंग हब और एमएसएमई को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाने की बात कही गई है। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर भी फोकस किया। यानी उद्यमी, व्यवसायियों के लिए व्यापार करने की राह को और आसान बनाना है। कई तरह के लाइसेंस, रिन्यूअल जैसी बंदिशों से आजादी या समय सीमा बढ़ाई जा सकती है।
  • एक साल में निवेश प्रस्ताव तो आए, लेकिन कई प्रोजेक्ट जमीन आवंटन, पर्यावरण स्वीकृति, बिजली पानी कनेक्शन में अटके रहे।
  • बजट से उम्मीद है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल एरिया डवलपमेंट और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूती देने के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए जाएंगे।

रोजगार: युवा स्किलिंग को मिलेगी धार?

  • विजन 2047 में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और युवाओं को स्किल्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • हकीकत यह है कि सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया फिलहाल उतनी गति नहीं पकड़ पाई है, जितने दावे किए गए थे। निजी क्षेत्र में रोजगार की रफ्तार की उम्मीद रही है। हालांकि, अभी युवा नीति और भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है, जिसमें परीक्षा की तारीख अंकित है।
  • स्किल डवलपमेंट योजनाएं घोषित तो हुईं, लेकिन कई जिलों में प्रशिक्षण केंद्र और इंडस्ट्री लिंक अब भी कमजोर है।
  • बजट में कौशल प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन पैकेज पर फोकस बढ़ सकता है।

ग्रीन एनर्जी: ट्रांसमिशन और ग्रिड क्षमता बड़ी चुनौती

  • विजन 2047 के लक्ष्यों में ग्रीन एनर्जी वह सेक्टर है, जहां प्रगति सबसे ज्यादा दिखाई देती है। राजस्थान भारत का सबसे बड़ा सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा संभावनाओं वाला राज्य है। इसी कारण सोलर, विंड के बाद अब हाइड्रोजन, पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज पर भी फोकस ज्यादा दिखाया गया है।
  • सोलर और रिन्यूएबल एनर्जी में राजस्थान की पहचान मजबूत हुई है, लेकिन ट्रांसमिशन और ग्रिड क्षमता बड़ी चुनौती बनी हुई है।
  • पिछले साल नई परियोजनाएं आई, पर वितरण नेटवर्क पर दबाव बढ़ा।
  • बजट में ग्रिड अपग्रेडेशन, बैटरी स्टोरेज और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में स्पष्ट प्रावधान की संभावना है।

शहरी ग्रोथ: शहरों को मिलेगा इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट

  • शहरों के विस्तार, स्मार्ट सिटी और बेहतर नागरिक सुविधाएं विजन 2047 का अहम हिस्सा हैं। नगर निगम, पालिका और नगर परिषदों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की तरफ बढ़ने की बात है।
  • जमीनी स्तर पर कई शहरों में सीवरेज, ड्रेनेज और ट्रैफिक जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस हैं।
  • स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स की असमान रही रफ्तार को सही दिशा मिलने की उम्मीद, क्योंकि प्रदेश के कई शहरों को राज्य सरकार ने स्मार्ट बनाने का संकल्प लिया हुआ है।
  • बजट में अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता मिल सकती है। पुराने शहरी इलाकों के रिनोवेशन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता।