
टीकाराम जूली और मंत्री हेमंत मीणा। फोटो: पत्रिका
जयपुर। विधानसभा में उप तहसील को तहसील बनाने के एक प्रश्न पर शोर-शराबा हुआ। विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की तो राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने पिछली सरकार में बनाए गए जिलों को लेकर विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
मंत्री मीणा ने विपक्ष पर आरोप लगाए कि पिछली सरकार ने राजनीतिक लाभ के लिए नए जिले बनाए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि आप लोग बना नहीं सकते, सिर्फ तोड़ सकते हो। आप लोगों ने जिले खत्म करने का ही काम किया।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले जिलों का पुनर्गठन किया गया था। राजस्थान में पहले 33 जिले और 7 संभाग थे। कांग्रेस सरकार के समय जिलों की संख्या बढ़ाकर 50 और संभाग की संख्या बढ़ाकर 10 कर दी गई थी। भाजपा के सत्ता में आने पर जिलों की संख्या 50 से घटाकर 41 और संभागों की संख्या पूर्व की तरह 7 ही कर दी गई।
प्रश्नकाल में गीता बरवड़ ने आसोप उपतहसील को तहसील में क्रमोन्नत करने को लेकर सवाल किया था। मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि मापदंडों में फिट नहीं बैठने के चलते आसोप को तहसील बनाने का कोई विचार नहीं है। राजस्व इकाइयों के गठन के लिए पंवार कमेटी का गठन कर रखा है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय होगा।
सामाजिक संस्थाओं की जमीन आवंटन रद्द होने के मुद्दे को लेकर बुधवार को शून्यकाल में सदन से कांग्रेस ने वॉकआउट किया। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने रेवदर में लीन समाजों को छात्रावास के लिए जमीन आवंटन निरस्त होने पर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजों के हितैषी थे तो पूर्ववर्ती सरकार ने अंतिम 6 माह में भूमि आवंटित कर क्यों कमियां छोड़ों? राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए आवंटन किया, लेकिन अब पुनर्विचार
कर आवंटन किया जाएगा।
टीकाराम जूली ने बोलने का प्रयास किया तो विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अनुमति नहीं दी। नाराज होकर कांग्रेस विधायक वॉकआउट कर गए। इसी दौरान ससंदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने टिप्पणी की कि कांग्रेसी केवल नौटंकी करते हैं एक मिनट में लौटकर आ जाएंगे। कांग्रेस के मोतीराम ने मीणा समाज, मेघवाल समाज व चौधरी समाज के छात्रावास के लिए जमीन आवंटन निरस्त होने का मुद्दा उताया था।
Updated on:
26 Feb 2026 07:50 am
Published on:
26 Feb 2026 07:49 am
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