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Narmada Canal: टेल एंड तक पहुंचेगा नर्मदा का पानी, अब खेत नहीं रहेंगे प्यासे

अधिशेष जल संचयन के लिए बनेगा नया रिजरवॉयर, डीपीआर तैयार। भर्ती और बजट प्रावधान से मजबूत होगा नहर प्रबंधन तंत्र।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Feb 25, 2026

Water Reservoir Project: जयपुर. प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने नर्मदा नहर परियोजना के तहत अब टेल एंड यानी अंतिम छोर तक भी पानी पहुंचाने की ठोस तैयारी शुरू कर दी है। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में बताया कि मानसून के दौरान मिलने वाले अधिशेष जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए रिजरवॉयर विकसित किए जाएंगे, ताकि पानी का संचयन और भंडारण बढ़ाया जा सके।

मंत्री ने कहा कि इसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार की जाएगी। वर्ष 2026-27 के बजट में इस कार्य के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा नहर के अंतिम छोर तक पानी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 1.96 करोड़ रुपए की लागत से अलग डीपीआर बनाई जा रही है, जिसका कार्यादेश 26 दिसंबर 2025 को जारी कर दिया गया है।

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में पिछले दो वर्षों से अच्छी बारिश हुई है, जिससे जल उपलब्धता में सुधार हुआ है। सरकार इस अवसर का लाभ उठाते हुए अधिशेष जल को संरक्षित करने की दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटा जा सके।

परियोजना के संचालन को सुचारू बनाने के लिए विभागीय ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता और कनिष्ठ सहायक के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन पदों के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा भर्ती बोर्ड को प्रस्ताव भेजे गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर न्यूनतम आवश्यकता के आधार पर कार्मिकों की तैनाती की जाएगी, जिससे नहरों का संचालन और निगरानी बेहतर हो सके।

हालांकि मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में अधिशेष जल की सीमित उपलब्धता के कारण अतिरिक्त क्षेत्रों को परियोजना के कमांड एरिया में शामिल करना विचाराधीन नहीं है। फिर भी सरकार का फोकस मौजूदा सिंचित क्षेत्रों में अधिकतम लाभ पहुंचाने पर है।

इस पहल से हजारों किसानों को सिंचाई में स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है और प्रदेश में कृषि उत्पादन बढ़ने की संभावना भी मजबूत हुई है।

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