
बिजली चोरी उपकरण जब्त करते विद्युतकर्मी, पत्रिका फोटो
Jaipur Discom: प्रदेश में बिजली चोरी का सिलसिला थम ही नहीं रहा। पिछले 10 माह में ही करीब 62,000 लोगों ने 229 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिजली चोरी (वीसीआर) कर ली। वसूली आधी राशि की भी नहीं हो सकी है। कई मामले कानूनी दांव-पेच में फंस गए हैं तो कुछ में डिस्कॉम्स धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा है।
गंभीर यह है कि चोरी हुई बिजली का भार बिजली टैरिफ दर (जिसकी वसूली नहीं हो रही) में जुड़ता रहा है। इससे ईमानदार उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ता जा रहा है। साथ ही डिस्कॉम्स की आर्थिक कमर भी टूट रही है और घाटा बढ़ता है। डिस्कॉम्स की विजिलेंस टीम की छापेमारी में तो कई मामले तो ऐसे पकड़े गए, जहां किसी एक उपभोक्ता या प्रतिष्ठान ने अकेले ही 50 लाख से डेढ़ करोड़ रुपए तक की बिजली चुरा ली।
इंजीनियरों (ऑपरेशन-मेंटीनेंस से जुड़े) के एरिया चोरी होती रही है, लेकिन उन्हें पता ही नहीं, यह सोचनीय है। जब विजिलेंस टीम छापेमारी करने पहुंचती है तो इन अभियंताओं की नींद टूटती है। सवाल यह उठ रहा है कि उन इंजीनियरों व उनकी टीम को बड़ी बिजली चोरी का क्यों पता नहीं चल पा रहा, जिसे विजिलेंस टीम पकड़ रही है? हालांकि, जयपुर डिस्कॉम प्रबंधन ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है। खासकर, पूर्वी राजस्थान के इलाको में। धाैलपुर,करौली जिलों में ड्रोन से भी चोरी पकड़ी गई।
डिस्कॉम अनुसार बिजली चोरी/दुरुपयोग मामले व वीसीआर राशि
| डिस्कॉम | चोरी/दुरुपयोग मामले | वीसीआर राशि (करोड़ ₹) |
|---|---|---|
| जयपुर डिस्कॉम | 34,500 | 115 करोड़ |
| अजमेर डिस्कॉम | 15,000 | 57 करोड़ |
| जोधपुर डिस्कॉम | 13,000 | 57 करोड़ |
Published on:
14 Feb 2026 04:23 am
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