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General Knowledge Question: तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में ‘पत्रिका’ के संस्थापक कर्पूरचंद कुलिश पर सवाल

Rajasthan Teacher Recruitment Exam: राजस्थान पत्रिका के संस्थापक से जुड़ा प्रश्न बना आकर्षण का केंद्र। राजस्थान के पत्रकारिता इतिहास की झलक, शिक्षक भर्ती परीक्षा में पूछा गया कर्पूरचंद कुलिश पर सवाल।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Jan 17, 2026

Karpoor-Chandra-Kulish

फोटो: पत्रिका

जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित राजस्थान तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा 2025 की लेवल-1 परीक्षा शुक्रवार, 17 जनवरी 2026 को संपन्न हुई। परीक्षा में सामान्य ज्ञान खंड के अंतर्गत 'राजस्थान पत्रिका' के संस्थापक एवं प्रसिद्ध पत्रकार कर्पूरचंद कुलिश से जुड़ा एक प्रश्न पूछे जाने से अभ्यर्थियों के बीच खास चर्चा रही।

प्रश्न में कर्पूरचंद कुलिश के कार्यों से संबंधित विकल्प दिए गए थे। इनमें पहला विकल्प था- उन्होंने हिंदी दैनिक राजस्थान पत्रिका शुरू किया, दूसरा विकल्प- उन्होंने राजस्थान के ग्रामीण जीवन और समाज पर मैं देखता चला गया श्रृंखला शुरू की, तीसरा विकल्प- उन्होंने रामचंद्र के साथ मिलकर जयपुर फुट का सह आविष्कार किया और चौथा विकल्प था- उन्होंने ढूंढाढी बोली में नियमित स्तंभ पोलमपोल में योगदान दिया।

राजस्थान पत्रिका के संस्थापक एवं प्रसिद्ध पत्रकार कर्पूरचंद कुलिश जी के बारे में यह पूछा सवाल

क्रमविवरण
प्रश्नप्रख्यात पत्रकार कर्पूरचंद कुलिश के कार्य हैं :
(a)उन्होंने अग्रणी हिन्दी दैनिक “राजस्थान पत्रिका” शुरू किया।
(b)उन्होंने राजस्थान के ग्रामीण जीवन और समाज पर “मैं देखता चला गया” श्रृंखला शुरू की।
(c)उन्होंने रामचन्द्र के साथ मिलकर जयपुर फुट का सह-आविष्कार किया था।
(d)उन्होंने ढूंढाड़ी बोली में नियमित स्तंभ ‘पोलमपोल’ में योगदान दिया।
निर्देशनीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :

✅ उत्तर विकल्प

विकल्पउत्तर संयोजन
(A)केवल (a), (b) और (c)
(B)केवल (a), (b) और (d)
(C)केवल (b), (c) और (d)
(D)केवल (a) और (b)
(E)अनुत्तरित प्रश्न

पत्रिका बना सिरमौर

राजस्थान पत्रिका के बारे में पूर्व में सवाल पूछे जाते रहे हैं। इस सवाल के माध्यम से परीक्षा में न केवल सामान्य ज्ञान बल्कि राजस्थान के पत्रकारिता इतिहास और सामाजिक योगदान की जानकारी को भी परखा गया। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही अभ्यर्थियों ने इस प्रश्न को रोचक और ज्ञानवर्धक बताया। कई अभ्यर्थियों का कहना रहा कि ऐसे प्रश्न राज्य के महापुरुषों और प्रेरक व्यक्तित्वों के बारे में जागरूकता बढ़ाते हैं।