24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Nipah Virus High Alert: अगली महामारी का डर? कोरोना से भी जानलेवा वायरस ने दी दस्तक! 5 केस मिलने के बाद 100 लोग क्वारंटाइन

Nipah Virus High Alert: निपाह वायरस के खतरनाक कहर से पूरे भारत में तहलका मचा हुआ है। पश्चिम बंगाल में निपाह के 5 सक्रिय मामले मिलने के बाद 100 लोगो को क्वारंटाइन किया गया है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Nidhi Yadav

Jan 24, 2026

Nipah Virus High Alert

Nipah Virus High Alert (image- gemini)

Nipah Virus High Alert: निपाह वायरस का नाम आज हर कोई जानता है। यह जिस तरीके से फैल रहा है, हर कोई इससे बचना चाहता है। पश्चिम बंगाल, कोलकाता, झारखंड और तमिलनाडु सहित दक्षिण के लगभग सभी राज्यों में इसने तहलका मचा रखा है। पश्चिम बंगाल में निपाह के 5 सक्रिय मामले मिलने के बाद 100 लोगो को क्वारंटाइन किया गया है। सोचने की बात यह है कि यह खतरनाक वायरस कोरोना की तरह संपर्क में रहने वालों को ज्यादा प्रभावित करता है। डॉक्टर और नर्स इसके शिकार ज्यादा होने की संभावना में रहते हैं।

जब हॉस्पिटल्स बने हॉटस्पॉट(Nipah Outbreak India Hospitals)

निपाह वायरस का ताजा प्रकोप पश्चिम बंगाल में देखा जा रहा है, जहां संक्रमण की चेन अब अस्पतालों तक पहुंच गई है। कोलकाता के अस्पतालों में भर्ती मरीजों के साथ-साथ वहां तैनात मेडिकल स्टाफ भी इसकी चपेट में आने की संभावना बढ़ गई है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के अनुसार, निपाह वायरस भविष्य में महामारी का रूप लेने वाले वायरस की श्रेणी में है।

साइलेंट किलर क्यों है निपाह वायरस? (Nipah Outbreak India)

निपाह वायरस की सबसे खतरनाक अवधि इसका 'इन्क्यूबेशन पीरियड' होता है यानी कि जब यह वायरस एक बार शरीर में प्रवेश कर जाता है तो यह 14 से 21 दिनों तक रहता है और इसकी सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब तक मरीज में इसके लक्षण दिखाई देते हैं तब तक मरीज कई लोगों को संक्रमित कर चुका होता है।

डब्ल्यूएचओ (WHO) की निपाह वायरस (NiV) पर राय?(WHO On Nipah Outbreak)

WHO ने निपाह वायरस को अपनी 'प्रायोरिटी डिजीज' (Priority Diseases) की सूची में शामिल किया है यानी यह बात तो साफ है कि निपाह वायरस चिंता का विषय है। यह उन बीमारियों में से एक है जिनमें महामारी (Pandemic) फैलाने की क्षमता है। गौर करने की बात है कि शुरुआती कोरोना की तरह अभी इसका भी कोई टीका उपलब्ध नहीं है। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार निपाह वायरस की मृत्यु दर 45 से 75% तक होती है जिससे यह साबित होता है कि यह वायरस कोरोना से भी अधिक जानलेवा है।

निगरानी (Early Detection)

WHO का कहना है कि निपाह के लक्षण अक्सर 'दिमागी बुखार' या 'सामान्य फ्लू' जैसे लगते हैं, जिससे इसे शुरुआत में पहचानना मुश्किल होता है। इसलिए, डब्ल्यूएचओ प्रभावित क्षेत्रों में मजबूत निगरानी प्रणाली (Surveillance System) और लैब टेस्टिंग क्षमताओं को बढ़ाने पर जोर देता है।

प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के लिए सलाह? (Nipah Outbreak Prevention)

  • संक्रमित जानवरों से दूरी
  • कच्चे खजूर के रस (Date Palm Sap) का सेवन नहीं करना
  • इन्फेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (IPC) के सख्त नियमों का पालन करना

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।