
Meralgia Paresthetica (photo- gemini ai)
Meralgia Paresthetica: कई लोगों को कभी-कभी जांघ के बाहरी हिस्से में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होता है। अक्सर लोग इसे थकान, मांसपेशियों में खिंचाव या खराब ब्लड सर्कुलेशन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक कई बार यह एक नस से जुड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है, जिसे मैराल्जिया पेरेस्थेटिका (Meralgia Paresthetica) कहा जाता है।
यह समस्या आम तौर पर बहुत खतरनाक नहीं होती, लेकिन अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह काफी असहजता पैदा कर सकती है और रोजमर्रा के कामों में परेशानी बढ़ा सकती है।
मैराल्जिया पेरेस्थेटिका एक न्यूरोलॉजिकल यानी नसों से जुड़ी समस्या है। यह तब होती है जब जांघ के बाहरी हिस्से में महसूस होने वाली संवेदना (सेंस) को नियंत्रित करने वाली एक नस पर दबाव पड़ जाता है। इस नस को लेटरल फेमोरल क्यूटेनियस नर्व कहा जाता है। यह नस पेल्विस यानी कूल्हे के पास से होकर जांघ के बाहरी हिस्से तक जाती है। जब किसी कारण से इस पर दबाव या जलन होती है, तो जांघ में अजीब-अजीब संवेदनाएं महसूस होने लगती हैं जैसे जलन, झनझनाहट या सुन्नपन। अच्छी बात यह है कि यह नस सिर्फ त्वचा की संवेदना से जुड़ी होती है, इसलिए इस समस्या में मांसपेशियों की ताकत पर आमतौर पर असर नहीं पड़ता।
मैराल्जिया पेरेस्थेटिका कई वजहों से हो सकती है। अक्सर यह तब होता है जब नस पर लगातार दबाव पड़ता है। इसके कुछ आम कारण हैं। बहुत टाइट कपड़े पहनना, जैसे टाइट जींस, बेल्ट या कोर्सेट हो सकता है। मोटापा या अचानक तेजी से वजन बढ़ना, गर्भावस्था, लंबे समय तक खड़े रहना या ज्यादा चलना या फिर कूल्हे के पास चोट या ट्रॉमा भी हो सकता है। कुछ बीमारियां भी इस समस्या का खतरा बढ़ा सकती हैं। उदाहरण के लिए डायबिटीज से नसों को नुकसान होने का जोखिम ज्यादा रहता है।
इस समस्या के लक्षण आमतौर पर जांघ के सिर्फ एक तरफ दिखाई देते हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं:
डॉक्टरों के अनुसार कुछ लोगों में यह समस्या होने का खतरा ज्यादा होता है, जैसे अधिक वजन वाले लोग, गर्भवती महिलाएं, भारी बेल्ट या टूल बेल्ट पहनने वाले लोग। ऐसे काम करने वाले लोग जिन्हें लंबे समय तक खड़ा रहना पड़ता है। यह समस्या अक्सर मध्यम उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन किसी भी उम्र में हो सकती है।
अगर कभी-कभी हल्की झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो तो यह गंभीर नहीं होता। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। अक्सर इस समस्या को ढीले कपड़े पहनने, वजन नियंत्रित करने, शुगर कंट्रोल करने और विटामिन B12 जैसी दवाइयों से ठीक किया जा सकता है। कुछ मामलों में अगर राहत नहीं मिलती, तो सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है। इसलिए अगर जांघ के बाहरी हिस्से में बार-बार जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो, तो इसे सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज न करें। सही समय पर जांच और इलाज से इस समस्या से आसानी से राहत मिल सकती है।
Published on:
11 Mar 2026 12:14 pm
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