
Blood Pressure (photo- gemini ai)
Blood Pressure: दिल्ली के 52 साल के मार्केटिंग प्रोफेशनल रमेश शर्मा को एक रूटीन हेल्थ चेकअप के दौरान पता चला कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर है। कुछ दिनों तक बीपी नापने पर रीडिंग करीब 150/95 mmHg रहती थी। देर तक काम करना, ज्यादातर बाहर का खाना, एक्सरसाइज की कमी और पैकेट वाले स्नैक्स उनकी रोजमर्रा की आदतों में शामिल थे। डॉक्टर ने उन्हें हल्की दवा दी और साथ ही खाने-पीने और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह दी।
रमेश ने धीरे-धीरे अपनी डाइट बदली। उन्होंने नमक कम कर दिया। अचार, नमकीन और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बना ली। बाहर खाना कम किया। हफ्ते में तीन दिन सफेद चावल की जगह मिलेट्स खाने लगे। सब्जियों की मात्रा बढ़ाई, खासकर हरी पत्तेदार सब्जियां। शाम को तले हुए स्नैक्स की जगह फल या भुना चना लेने लगे। शराब भी बहुत कम कर दी। तीन महीने में उनका वजन 4 किलो घट गया और बीपी 128/82 mmHg तक आ गया। सिरदर्द कम हुए, एनर्जी बढ़ी और दवा की मात्रा भी बढ़ानी नहीं पड़ी। यह साफ दिखाता है कि सही खानपान लंबे समय तक बीपी कंट्रोल करने में मददगार होता है।
हम क्या खाते हैं, उसका सीधा असर हमारी नसों और शरीर में पानी के संतुलन पर पड़ता है। ज्यादा नमक बीपी बढ़ाता है, जबकि फल, सब्जियां और पोटैशियम से भरपूर चीजें बीपी को कंट्रोल करने में मदद करती हैं। शहरी भारतीय डाइट में नमक, मैदा, तला-भुना और पैकेट वाला खाना ज्यादा होता है, जो हाई बीपी को बढ़ाता है।
ज्यादातर नमक अचार, पापड़, नमकीन और बाहर के खाने से आता है। दिन में 5 ग्राम से कम नमक रखना फायदेमंद है। स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू, लहसुन, अदरक, सरसों, करी पत्ता और मसालों का इस्तेमाल करें।
पोटैशियम नमक के असर को कम करता है और नसों को रिलैक्स करता है। केला, नारियल पानी, पालक, लौकी, कद्दू, शकरकंद, दालें और दही अच्छे विकल्प हैं।
मैदा और सफेद चावल की जगह मोटे अनाज जैसे रागी, ज्वार, बाजरा, ओट्स और ब्राउन राइस लें। मिलेट्स में मैग्नीशियम होता है, जो बीपी कंट्रोल में मदद करता है।
बहुत ज्यादा खराब फैट नसों को सख्त करता है। तले हुए स्नैक्स की जगह मेवे, बीज, सरसों का तेल, मूंगफली का तेल और थोड़ी मात्रा में घी बेहतर है।
दाल, चना, दही, अंडा, मछली जैसे प्रोटीन लें। रेड और प्रोसेस्ड मीट से दूरी रखें।
Published on:
19 Jan 2026 12:36 pm
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