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खेजड़ी के लिए साधु-संतों को करना पड़ रहा संघर्ष, सरकार मूकदर्शक बनी: राव

हनुमानगढ़. पूर्व मंत्री रामसिंह राव ने कहा कि प्रदेश में खेजड़ी और अरावली पर्वतमाला पर संकट गहराता जा रहा है। लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा जो प्रकृति के विनाश की कीमत पर हो। बुधवार को जंक्शन स्थित सर्किट […]

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हनुमानगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित करते वक्ता।

हनुमानगढ़ में प्रेसवार्ता को संबोधित करते वक्ता।

हनुमानगढ़. पूर्व मंत्री रामसिंह राव ने कहा कि प्रदेश में खेजड़ी और अरावली पर्वतमाला पर संकट गहराता जा रहा है। लेकिन सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वह विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जाएगा जो प्रकृति के विनाश की कीमत पर हो। बुधवार को जंक्शन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में राव ने भाजपा सरकार पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे हैं कि खेजड़ी जैसे पवित्र और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण वृक्ष को बचाने के लिए साधु-संतों को संघर्ष करना पड़ रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है। सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। पूर्व मंत्री ने कहा कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान है। यह पेड़ रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीवन का आधार है। इसके बावजूद बड़े स्तर पर कटाई और अवैध दोहन की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब साधु-संत और सामाजिक संगठन प्रकृति संरक्षण के लिए सडक़ पर उतर रहे हैं, तब सरकार की जिम्मेदारी क्या है।
अरावली पर्वतमाला को लेकर भी राव ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अरावली का अस्तित्व प्रदेश के पर्यावरण संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक है। खनन और अवैध गतिविधियों से इसे नुकसान पहुंचाया जा रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढिय़ों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस नेता तरुण विजय ने भी खेजड़ी और अरावली को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि जनजीवन से जुड़ा विषय है। यदि प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन जारी रहा तो प्रदेश में जल संकट और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संतुलित विकास की पक्षधर रही है। हम विकास के बाधक नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास नहीं होने देंगे जो जल, जंगल और जमीन को नष्ट कर दे। उन्होंने सरकार से मांग की कि खेजड़ी और अरावली संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। रामस्वरूप भाटी, पिथाराम जोइया, सुरेंद्र मारवाल, योगेश चौहान, कृष्ण स्वामी मौजूद रहे। इस दौरान राव के हनुमानगढ़ पहुंचने पर कई जगह स्वागत किया गया। रवि दादरवाल, तरुण विजय, कृष्ण स्वामी, सुरेंद्र मारवाल, कृष्ण पडि़हार, रामस्वरूप भाटी व योगेश चौहान ने उनका स्वागत किया।