
राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो पत्रिका
हनुमानगढ़। जिला मुख्यालय सहित राजस्थान के दस शहरों में प्रस्तावित बाइपास निर्माण को लेकर भूमि अधिग्रहण के बदले भूमि का आवंटन करने का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। उक्त दस बाइपास में से हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय में कोहला से नवां तक बाइपास का निर्माण प्रस्तावित है। फिलहाल राजस्थान सरकार भूमि अधिग्रहण मामले को लेकर बैकफुट पर आ गई है।
राज्य सरकार ने अब भूमि अधिग्रहण के बदले मुआवजा देने की बजाए नगर निकायों को भूमि का अलॉटमेंट करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता ने दिए हैं। आदेश के अनुसार जानकारी दी गई कि बाईपास के निर्माण के लिए अलाईनमेंट निर्धारण उपरान्त डीपीआर तैयार कर प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के प्रस्ताव वित्त विभाग को प्रस्तुत किए गए।
साथ ही इन बाईपास के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के अन्तर्गत की जाकर धारा-11 तक की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। सभी बाईपास का निर्माण शहरी क्षेत्रों में किया जाना है एवं भूमि अवाप्ति की अधिक लागत के मद्देनजर उक्त बाईपास के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण के बदले भूमि देने के तहत किया जाए। गौरतलब है कि बजट घोषणा 2024-25 के तहत दस शहरों में बाइपास निर्माण की घोषणा की गई थी।
भरतपुर में 350 करोड़ की लागत से दो बाइपास का निर्माण होना प्रस्तावित है। सीकर में एनएच 52 से एसएच 08 बाइपास निर्माण 90 करोड़, हनुमानगढ़ में कोहला नवां बाइपास 200 करोड़ रुपए, धौलपुर में एनएच 23 से एनएच 11 बी तक 154.64 करोड़ रुपए, धौलपुर में एनएच 44 से एसएस 2ए तक 131.76 करोड़ रुपए, झुंझुनू में मंडावा झुंझुनू रोड से सीकर- झुंझुनू रोड एनएच 11 से एनएच 08 तक 61 करोड़ की लागत से प्रस्तावित, झुंझुनू में उदयपुरवाटी रोड से चिड़ावा रोड़ तक 100 करोड़ रुपए, करौली में मण्डरायल-करौली-हिण्डौन- मानवा के लिए बाइपास 85 करोड़ रुपए व सुजानगढ़ चूरू में एनएच 58 से मेगा हाइवे तक बाइपास के लिए 75 करोड़ के बजट की घोषणा की गई थी।
Updated on:
11 Feb 2026 08:36 am
Published on:
11 Feb 2026 06:56 am
बड़ी खबरें
View Allहनुमानगढ़
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
