
-बोर्ड परीक्षा को लेकर शहरी क्षेत्र के 57 परीक्षा केंद्रों के लिए प्रश्रपत्र और उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण शुरू
शिंदे की छावनी स्कूल पर परीक्षा सामाग्री लेने पहुंचे शिक्षक
माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जिला प्रशासन ने इस बार किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने का दावा किया है। 10 फरवरी से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शुक्रवार को समन्वय संस्था शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या शिंदे की छावनी से हाईस्कूल और हायर सेकंडरी परीक्षा की प्रश्नपत्र-कॉपी व अन्य परीक्षा सामग्री का वितरण किया गया। सुबह 11 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक चले इस वितरण कार्य के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के पनिहार, घाटीगांव, मोहना, आंतरी, बिलौआ, पिछोर, डबरा, चीनोर, कराहिया, भितरवार, उटीला, हस्तिनापुर, बेहट और बिजौली सहित कुल 34 परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा सामग्री लेने पहुंचे। एक ओर प्रशासन पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर परीक्षा सामग्री वितरण के दौरान अव्यवस्था ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या इतनी बड़ी परीक्षा व्यवस्था में जिम्मेदार एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी हैं, या फिर आखिरी वक्त में व्यवस्थाएं भगवान भरोसे छोड़ी गई हैं।
पांच रूट, पांच बसें, एक रिजर्व
मंडल की ओर से प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और परीक्षा सामग्री पांच निर्धारित रूटों पर पांच बसों के माध्यम से रवाना की गई। किसी आपात स्थिति को देखते हुए एक बस रिजर्व में रखी गई थी। पूरी प्रक्रिया पुलिस निगरानी और प्रशासनिक सुरक्षा घेरे में संपन्न हुई।
शहरी क्षेत्र के 57 केंद्रों का वितरण आज
ग्रामीण क्षेत्र के बाद अब शहरी क्षेत्र के 57 परीक्षा केंद्रों के लिए शनिवार सुबह 10 बजे से परीक्षा सामग्री का वितरण किया जाएगा। यह सामग्री दस रूटों से बसों के माध्यम से संबंधित परीक्षा केंद्रों और थानों तक पहुंचाई जाएगी।
91 केंद्र, 49 हजार से अधिक परीक्षार्थी
बता दें कि कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 10 फरवरी से, कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 13 फरवरी से शुरू होकर 21 मार्च तक आयोजित होंगी। जिले में कुल 91 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षाएं होंगी, जिनमें 49,336 विद्यार्थी शामिल होंगे।
2200 शिक्षकों की ड्यूटी, 15 उड़नदस्ते तैनात
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार परीक्षा की निगरानी के लिए जिला प्रशासन, स्कूल शिक्षा विभाग और विकास खंड स्तर पर 15 निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं। यह टीमें परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगी और नकल मिलने पर तत्काल कार्रवाई करेंगी। परीक्षा संचालन के लिए 2200 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है।
व्यवस्था पर सवाल: केंद्राध्यक्षों ने खुद उठाए बॉक्स
हालांकि सख्त सुरक्षा के दावों के बीच व्यवस्था की पोल भी खुलती नजर आई। वितरण स्थल पर समुचित इंतजाम नहीं होने के चलते कई केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्षों को खुद अपने हाथों से प्रश्नपत्रों से भरे बॉक्स उठाकर बसों में रखना पड़ा। कुछ शिक्षक अपने अन्य साथियों की मदद से किसी तरह बस तक पहुंचे।
Published on:
07 Feb 2026 11:46 am
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