7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CBI की एंट्री, करेगी रेलवे में हुई फर्जी नियुक्तियों की जांच, केस दर्ज…फंस सकती हैं और मछलियां, रेलवे अधिकारियों में हड़कंप

RRB में हुई फर्जी नियुक्तियों को लेकर अधिकारियों की धड़कने एक बार फिर बढ़ने वाली है। इस पूरे मामला की जांच अब CBI करेगी, केस दर्ज कर लिया गया।

2 min read
Google source verification
Up news, gorakhpur

फोटो सोर्स: सोशल मीडिया, CBI इन्वेस्टिगेशन

पूर्वोत्तर रेलवे में रेलवे भर्ती बोर्ड RRB के जरिए फर्जी नियुक्ति करने के मामले की जांच अब CBI करेगी। CBI ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। इससे जुड़े आरोपियों को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

भर्ती बोर्ड में तैनात दो कर्मचारियों ने फर्जीवाड़ा कर अपने बेटों को पैनल में शामिल कर लिया था और उनकी नियुक्ति करा दी थी। इस मामले में तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष के संलिप्तता की जांच भी हो रही है।

CBI की जांच में हो सकता है कुछ और खुलासा

बता दें कि रेलवे की सेंट्रल विजिलेंस की टीम ने इस मामले की गहनता से जांच की है। दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हो चुकी है। पुलिस इस मामले में गैंगस्टर की कार्रवाई भी कर चुकी है।

अब CBI यह देखेगी कि कहीं और अधिक गड़बड़ी तो नहीं की गई थी। पुराने मामलों को भी इससे जोड़कर देखा जाएगा। माना जा रहा है कि केस CBI के हाथ में जाने के बाद कुछ और लोगों पर कार्रवाई हो सकती है।

जानिए कैसे हुआ था रेलवे भर्ती में फर्जीवाड़ा

जानकारी के मुताबिक रेलवे भर्ती बोर्ड RRB गोरखपुर में तैनात रहे चंद्रशेखर आर्य और रामसजीवन ने 26 अप्रैल 2024 को जारी पैनल में अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया था। दरअसल जो पैनल बना था, उसमें शामिल दो अभ्यर्थियों ने यहां आने से इनकार कर दिया था।

चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी से किया इंकार, इनके नाम पर हुआ फर्जीवाड़ा

उनकी कहीं और नौकरी लग गई थी। उन्हें डाक्यूमेंट वेरीफिकेशन के लिए बुलाते समय यह जानकारी कर्मचारियों को हो गई थी। इसका फायदा उठाते हुए दोनों ने चालाकी से उसकी रोल नंबर के आगे अपने बेटों का नाम दर्ज कर लिया और पैनल को अप्रूव कराकर ज्वाइनिंग के लिए भेज दिया।

आरोपी कर्मियों के पुत्रों ने किसी नियम का पालन नहीं किया

उनके पुत्रों ने न तो फार्म भरा था, न परीक्षा ही और न ही उनका मेडिकल कराया गया लेकिन माडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली में उन्हें नौकरी मिल गई। यह पैनल तत्कालीन चेयरमैन के हस्ताक्षर से जारी हुआ था। चंद्रशेखर आर्य ने अपने बेटे राहुल प्रताप व निजी सचिव रामसजीवन ने अपने बेटे सौरभ कुमार को नौकरी दी थी।

जब आपस में बिगड़ा सामंजस्य तब खुला पोल

आपसी तालमेल गड़बड़ होने के बाद तत्कालीन चेयरमैन ने यह गड़बड़ी पकड़ने का दावा किया था। आनन-फानन में रेल कोच फैक्ट्री रायबरेली को पत्र लिखकर गड़बड़ी की जानकारी दी गई, जिसके बाद दोनों कर्मचारियों को निकाल दिया गया। हालांकि जांच में चेयरमैन को भी जिम्मेदार मानते हुए निलंबित कर दिया गया। दोनों रेल कर्मियों पर एफआईआर भी दर्ज कराई गई।

RRB में पहले भी हो चुकी है गड़बड़ी, स्वीकृत पदों से ज्यादे दुगुना भर्ती निकाली

रेलवे भर्ती बोर्ड में यह गड़बड़ी तब हुई, जब पहले से ही एक मामले में विजिलेंस की जांच चल रही थी। पूर्वोत्तर रेलवे मे वर्ष 2018-19 में सहायक लोको पायलटों की भर्ती में भी गड़बड़ी का मामला सामने आया था।

बोर्ड ने स्वीकृत पदों से दोगुनी भर्ती निकाल दी थी। परीक्षा के बाद 1681 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई तो खेल उजागर हुआ।

तत्कालीन चेयरमैन भी किए थे गड़बड़ी

यह मामला खुलने के बाद तत्कालीन चेयरमैन को हटा दिया गया। इन्होंने भी लिखित परीक्षा के बाद कर्मचारियों के सहयोग से पैनल बनाने, जारी करने, अभिलेखों की जांच में हेराफेरी व मेडिकल में गड़बड़ी शुरू कर दी। मनमाने ढग से पैनल बने और नियुक्ति दी गई।

बड़ी खबरें

View All

गोरखपुर

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग