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कब चेतेगा गोरखपुर का प्रशासन…चाइनीज मांझे से बुलेट सवार का चेहरा कटा, सड़क पर गिरकर घायल…गाल पर लगे 8 टांके

गोरखपुर में शुक्रवार को चाइनीज मांझे का कहर देखने को मिला, जिले के बड़हलगंज थानाक्षेत्र में बुलेट से जा रहे एक व्यापारी इस मांझे का शिकार हो गया और उसका गाल कट गया।

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Up news, gorakhpur

फोटो सोर्स: पत्रिका, चाइनीज मांझे से कटा गर्दन

गोरखपुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। बड़हलगंज कस्बे के बाईपास रोड निवासी कारोबारी आलोक दुबे शुक्रवार दोपहर चाइनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मांझे से उनका चेहरा बुरी तरह कट गया, जिससे वह संतुलन खोकर बुलेट से सड़क पर गिर पड़े।

चाइनीज मांझे से कारोबारी का चेहरा कटा

घटना शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे की है।आलोक दुबे दोहरीघाट से सामान लेकर बड़हलगंज स्थित अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह दोहरीघाट पुल पार कर रहे थे, अचानक उनके चेहरे पर किसी तेज धारदार चीज़ के चुभने का अहसास हुआ। जब तक वह कुछ समझ पाते, तब तक चाइनीज मांझे ने उनके चेहरे को गहराई से काट दिया।

बुलेट से सड़क पर गिरते ही मच गया हड़कंप

मांझे से कटने के बाद आलोक दुबे बाइक से गिर पड़े। चेहरे से तेज़ी से खून बहने लगा। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें उठाया और तत्काल दुर्गावती अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। डॉक्टरों के अनुसार आलोक दुबे के गाल पर 8 टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है।

चाइनीज मांझे पर सख्ती की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, लोगों ने प्रशासन से चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की मांग की। चाइनीज मांझे से लगातार हादसे हो रहे हैं। अगर इस पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो यह किसी की जान भी ले सकता है।

हत्या का मुकदमा दर्ज करने का सीएम दे चुके हैं आदेश

गौरतलब है कि 5 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ चेतावनी दी थी कि अगर चाइनीज मांझे से किसी की मौत होती है तो इसे हत्या माना जाएगा। जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

इसके साथ ही पूरे प्रदेश में चाइनीज मांझे की जब्ती के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके बावजूद गोरखपुर सहित कई इलाकों में चाइनीज मांझे की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं, जो प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर रही हैं।