28 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कौन हैं Menaka Guruswamy? बन सकती हैं भारत की पहली LGBTQ सांसद, सबसे प्रभावशाली लोगों में रह चुका है नाम

तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के लिए मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाया है। धारा 377 केस की वरिष्ठ वकील गुरुस्वामी चुनी गईं तो भारत की पहली LGBTQ सांसद बन सकती हैं। जानिए उनका करियर, शिक्षा की पूरी कहानी।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Anurag Animesh

Feb 28, 2026

Menaka Guruswamy

Menaka Guruswamy

Who Is Menaka Guruswamy: कुछ ही दिनों में भारत को पहली LGBTQ सांसद मिल सकती है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। इस सूची में एक नाम खास तौर पर चर्चा में है, सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी(Menaka Guruswamy)। टीएमसी ने मेनका गुरुस्वामी के साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को भी राज्यसभा के लिए मैदान में उतारा है। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों की कुल 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होना है।

Menaka Guruswamy: पहली LGBTQ सांसद बनने की संभावना

मेनका गुरुस्वामी का नाम इसलिए भी सुर्खियों में है क्योंकि अगर वे राज्यसभा पहुंचती हैं, तो वे भारत की पहली खुलकर पहचान बताने वाली LGBTQ सांसद बन सकती हैं। यह भारतीय राजनीति के इतिहास में एक बड़ा कदम माना जाएगा।

कौन हैं Menaka Guruswamy?

मेनका गुरुस्वामी सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और संवैधानिक मामलों की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। उन्होंने उस ऐतिहासिक केस में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके बाद 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को निरस्त कर दिया था। इस फैसले के साथ ही समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1997 में भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल अशोक देसाई के मार्गदर्शन में की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने मुख्य रूप से संवैधानिक मामलों और मुकदमों पर काम किया। कुछ समय बाद वे उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड चली गईं। वहां से उन्होंने BCL की डिग्री हासिल की और फिर हार्वर्ड से LLM किया।

100 सबसे प्रभावशाली लोगों में हो चुकी हैं शामिल


पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने न्यूयॉर्क की लॉ फर्म डेविस पोल्क एंड वार्डवेल में कुछ समय तक काम किया। बाद में वे भारत लौटीं और नई दिल्ली में अपनी प्रैक्टिस शुरू की। 2019 में उन्हें उनकी सहयोगी और पार्टनर अरुंधति काटजू के साथ टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में भी शामिल किया गया था।