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Bihar University Village Adoption: बिहार राज्यपाल की सख्त चेतावनी, हायर एजुकेशन में सुधार के लिए गोद लेने होंगे 5-5 गांव

Bihar Higher Education: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने विश्वविद्यालयों को 5-5 गांव गोद लेने का निर्देश दिया है। हायर एजुकेशन में सुधार के लिए एकेडमिक कैलेंडर का पालन करने और समय पर रिजल्ट देने की सख्त चेतावनी दी है।

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पटना

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Mohsina Bano

Jan 12, 2026

Bihar Higher Education

Bihar Higher Education (Image Source: Freepik)

Bihar University Village Adoption: बिहार के हायर एजुकेशन सेक्टर में सुधार के लिए राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रदेश की यूनिवर्सिटी के सभी कुलपतियों (VCs) को निर्देश दिया है कि, प्रत्येक यूनिवर्सिटी अपने दायरे के कम से कम पांच गांवों को गोद ले। इन गांवों को 'उन्नत भारत अभियान' के तहत शैक्षणिक रूप से विकसित किया जाएगा ताकि ये गांव भविष्य में आदर्श गांव के रूप में पहचाने जा सकें। लोकभवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल ने कहा कि यूनिवर्सिटी इन गोद लिए गए गांवों में लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। इसके साथ हीपर्यावरण सुरक्षाऔर स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी काम किया जाएगा। राज्यपाल ने साफ किया कि, यूनिवर्सिटी की भूमिका केवल कैंपस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के विकास में भी भागीदारी निभानी होगी।

Academic Calendar Bihar University: एकेडमिक कैलेंडर का हो पालन

बैठक में हायर एजुकेशन से जुड़ी लेट लतीफी पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के तय परीक्षा कैलेंडर का सख्ती से पालन किया जाए। एग्जाम शेड्यूल और रिजल्ट देने में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान बताया गया कि बिहार की कई यूनिवर्सिटी में परीक्षाएं और रिजल्ट 6 से लेकर 20 महीने तक की देरी से चल रहे हैं। इसमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल हैं-

  • जयप्रकाश नारायण विवि छपरा और केएसडीएस - यहां 14 से 20 महीने की देरी हो रही है।
  • मिथिला विवि, आर्यभट्ट ज्ञान विवि, बीआरए बिहार विवि और पूर्णिया विवि - यहां एकेडमिक सेशन 6 से 8 महीने पिछड़ चुका है।

Bihar University Village Adoption: 1371 करोड़ का मांगा हिसाब

हायर एजुकेशन विभाग की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि, यूनिवर्सिटी के पास 1371 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilisation Certificate) अभी भी पेंडिंग है। राज्यपाल ने सभी कुलपतियों को निर्देश दिया कि खर्च किए गए बजट का हिसाब जल्द से जल्द सरकार को सौंपें। बैठक मेंशिक्षा मंत्री सुनील कुमार और विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे, जहां 'अपार आईडी' और 'समर्थ मॉड्यूल' जैसे डिजिटल सिस्टम की भी समीक्षा की गई।


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