
- राज्य सरकार ने आलू फसल को पंच गौरव योजना में कर रखा है शामिल
धौलपुर. पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में आलू की पैदावार अच्छी होती है। बड़ी संख्या में जिले का किसान आलू की फसल की पैदावार करता है। आलू की पैदावार को देखते हुए राज्य सरकार ने जिले की ‘पंच गौरव योजना’ में इस फसल को शामिल किया है। धौलपुर जिले का सफेद आलू वैसे तो लोकल में खूब बिकता है। साथ ही इसकी फसल दिल्ली मंडी, आगरा, अलीगढ़, मुंबई, सूरत और जयपुर तक सप्लाई होती है। साथ ही कुछ मल्टीनेशनल कंपनियां भी सीधे किसान से समझौता कर फसल की एक साथ खरीद करती है। उक्त कंपनियां चिप्स के लिए खुद का बीज देती हैं। ये कंपनियां चिप्स समेत अन्य उत्पाद तैयार करने में आलू का उपयोग करती हैं। भारी मात्रा मैं पैदावार होने के बाद भी जिले में आलू के लिए कोई प्रोसेसिंग यूनिट नहीं है। हालांकि, जिले में करीब 35 कोल्ड स्टोरेज है, जिसमें आलू का भंडारण होता है। आलू के अच्छे भाव होते हैं तो किसान फसल को मार्केट में बिक्री कर कुछ और दाम कमा लेता है। लेकिन अभी को खास फायदा नहीं हो रहा है। यूनिट लगने से उसे फसल के बेहतर दाम मिल सकेंगे।
पंच गौरव योजना में आलू फसल सम्मिलित
राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले के स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पंच गौरव योजना शुरू की है। इसमें धौलपुर से आलू की फसल को शामिल किया है। इसकी मुख्य वजह से आलू की फसल पर विशेष ध्यान देने और उत्पादन बढ़ाने के लिए आलू का किसानों को अच्छा भाव दिलाना है। आलू के बाद जिले के सरसों, गेहूं और बाजरा इत्यादि की फसल खूब होती है। किसानों की मदद के लिए कृषि विभाग की ओर से आधुनिक तकनीक के साथ फसल उगाने और किस मंडी में बेचा जाए, इसकी भी जानकारी दी जाती है। किसान एन-ड्रिप सिस्टम जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों और नैनो यूरिया का उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
जिले में आलू की बंपर पैदावार
जिले आलू की बंपर पैदावार होती है। वर्तमान में मंडियों में नया आलू पहुंच चुका है और बाहर की मंडियों में बिक्री के लिए जा रहा है। जिले में सीजन 2022-23 में लगभग 6,366 हेक्टेयर में 1,26,110 टन आलू का उत्पादन हुआ था। इसी तरह 2023-24 में करीब 5,521 हेक्टेयर में 1,09,370 टन उत्पादन हुआ। लगातार बंपर पैदावार के चलते सरकार ने आलू को पंच गौरव योजना में 6 जून 2025 में शामिल कर लिया।
जिले में बीते पांच साल से आलू की अच्छी पैदावार हो रही है। हालांकि, बीते दो साल में अच्छी बरसात के चलते फसल को नुकसान भी खूब पहुंचा है। सैंपऊ इलाके में तो कई फसल पानी में ही डूबी रहीं। जिससे किसान एक फसल तो पैदा ही नहीं कर पाया। जिसमें बाजरे का खासा नुकसान हुआ।
यूनिट लगे तो किसान का हो मोटा फायदा
वर्तमान में जिले में आलू की यूनिट प्रोसेसिंग नहीं होने से किसान केवल फसल होने पर उसे कोल्ड में रखवा देता है और कुछ फसल लोकल मंडी और फिर बाहर सप्लाई कर देता है। लेकिन खेत से मंडी के बीच फसल बेचने के लिए उसे अड़तियों की मदद लेनी होती है। किसान को ज्यादा फायदा नहीं होता है। यूनिट लगने से किसान उसकी ग्रीडिंग, वॉश, कटिंग, बिक्री और पैकिजिंग इत्यादि करवा कर मार्केट में बेच कर बढिय़ा मुनाफा कमा सकते हैं। दिल्ली, मथुरा, आगरा और जयपुर में यूनिट के चलते वहां के किसान आलू की फसल पर अच्छे दाम उठा रहे हैं।
- आलू प्रोसेसिंग यूनिट जिले में नहीं है। उद्योग विभाग में अभी तक किसी ने संपर्क नहीं किया है। केवल कोल्ड स्टोरेज हैं, जहां पर आलू का भंडारण होता है।
- मितुल मित्तल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र
- जिले में आलू प्रोसेसिंग की अभी कोई यूनिट नहीं है। यूनिट लगाने और फसल के अच्छे दाम मिल सकें, इसलिए ही पंच गौरव योजना में आलू शामिल किया है। इसके लिए प्रयासरत हैं।
- तनोज चौधरी, उप निदेशक, उद्यानिकी धौलपुर
Published on:
15 Jan 2026 06:38 pm
बड़ी खबरें
View Allधौलपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
