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मैरिज गार्डनों पर लाखों का कर…नगर परिसद बेखबर

शहर में संचालित मैरिज गार्डन संचालक यूडी टैक्स के नाम पर नगर परिषद को ठेंगा दिखा रहे हैं। इन मैरिज गार्डन संचालकों ने सालों से टेक्स के नाम पर एक रुपए तक जमा नहीं कराया है। इनमें से भार्गव वाटिका पर तो 45लाख से ज्यादा का कर निकल रहा है,तो कई गार्डन ऐसे भी हैं जिन पर भी लाखों का टैक्स बकाया है। इन मैरिज गार्डनों पर कार्रवाई को लेकर जयपुर डीएलवी से मिले आदेशों के बाद भी नगर परिषद अभी तक ऐसे गार्डनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है।

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मैरिज गार्डनों पर लाखों का कर...नगर परिसद बेखबर Lakhs of rupees tax on marriage gardens... Municipal Council unaware

-डीएलवी से मिले आदेशों के बाद भी मैरिज गार्डनों पर कोई कार्रवाई नहीं

-एक रुपया कर जमा नहीं और कर रहे धड़ल्ले से गार्डनों का संचालन

धौलपुर. शहर में संचालित मैरिज गार्डन संचालक यूडी टैक्स के नाम पर नगर परिषद को ठेंगा दिखा रहे हैं। इन मैरिज गार्डन संचालकों ने सालों से टेक्स के नाम पर एक रुपए तक जमा नहीं कराया है। इनमें से भार्गव वाटिका पर तो 45लाख से ज्यादा का कर निकल रहा है,तो कई गार्डन ऐसे भी हैं जिन पर भी लाखों का टैक्स बकाया है। इन मैरिज गार्डनों पर कार्रवाई को लेकर जयपुर डीएलवी से मिले आदेशों के बाद भी नगर परिषद अभी तक ऐसे गार्डनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है।शहर में संचालित होने वाले मैरिज गार्डनों के खिलाफ नगर परिषद ने गत वर्ष अभियान चलाया था। इस दौरान 30 मैरिज गार्डनों सहित २०० प्रतिष्ठानों को शहरी विकास कर जमा कराने को नोटिस थमाए गए थे। जिसके बाद लगभग 10 मैरिज गार्डनों और प्रतिष्ठान संचालकों ने ८० लाख का कर भी जमा कराया, लेकिन समय के साथ परिषद का यह अभियान ठण्डे बस्ते में जाता दिख रहा है। यही कारण है कि शहर की बड़ी-बड़ी मछलियां जिन पर लाखों का कर्ज है, अभी भी परिषद की पकड़ से दूर बने हुए हैं। पैलेस रोड पर संचालित होने वाली भार्गव वाटिका पर 45 लाख से ज्यादा का शहरी विकास कर निकल रहा है। बताया जाता है कि 2007से संचालत इस वाटिका संचालक ने अभी तक परिषद में टैक्स के नाम पर एक रुपया भी जमा नहीं कराया है। तो वहीं स्टेशन रोड स्थित कमल होटल पर 7से 8 लाख का यूटी टैक्स निकल रहा है। जानकारी के अनुसार गार्डनों पर निकल रहे यूडी टैक्स की फाइल को डीएलवी जयपुर ऑफिस भी भेजा गया था, जहां से जांच पड़ताल के बाद इन गार्डनों पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए थे, लेकिन आदेशों के बाद भी अभी तक नगर परिषद ऐसे मैरजि गार्डनों सहित प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा, जिन पर लाखों का बकाया है।

लाखों के बार न्यारे...पर नियम पालन दूर तक नहीं

बदलते परिवेश के साथ शहर में शादी विवाह समारोहों को आयोजित करने मैरिज गार्डन संचालन का धंधा खूब फल फूल रहा है। ऐसा हो भी क्यों न थोड़ी सी जगह में दो कमरे बना और टीन शेड डाल और हो गए लाखों के बार न्यारे, लेकिन संचालक गार्डन के संचालन के नियमों का पालन नहीं कर रहे। इनपर न तो फायर एनओसी होती है और न वाहन सुरक्षा प्रमाण पत्र, यातायात विभाग एनओसी के साथ उचित पार्किंग व्यवस्था तक नहीं होती। जिनका अनुपालन कराने को नगर परिषद ने अभियान चलाया था। जिसके बाद से 9 मैरिज गार्डन और 9 से 10 प्रतिष्ठान संचालकों ने यूडी टैक्स जमा कराया था, जो कि 22 लाख के आसपास था।

टैक्स तो छोड़ों फायर एनओसी तक नहीं

शहर में संचालित मैरिज गार्डन न सिर्फ नगर परिषद को यूडी टैक्स के नाम पर ठेंगा दिखा रहे हैं, बल्कि लोगों की जान के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार कुछ मैरिज गार्डन और होटलों को छोडक़र अधिकतर ने फायर विभाग से एनओसी तक नहीं ले रखी है। अब ऐसी स्थिति में कोई अनहोनी होती है तो उसके जिम्मेदार कौन होगा? फायर विभाग भी सब कुछ देखकर भी अनजान बना हुआ है और कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा ही किया जाता रहा है।

शहर में संचालित मैरिज गार्डन सहित अन्य प्रतिष्ठानों पर कितना यूडी टैक्स है जिसकी मुझे जानकारी नहीं। जल्द ही इस मामले को दिखवाकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-कर्मवीर सिंह, कार्यवाहक आयुक्त एवं एसडीएम धौलपुर