
धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व पार्क में टी-117 के साथ पीछे जाता शावक (फोटो- पत्रिका)
Dholpur-Karauli Tiger Reserve: धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बुधवार का दिन बेहद खास रहा। रिजर्व क्षेत्र में बाघिन टी-117 ने एक शावक को जन्म दिया है।
बता दें कि मां और शावक की तस्वीर कैमरा ट्रैप में कैद हुई, जिससे वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस नए शावक के आने के साथ ही धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व क्षेत्र में टाइगरों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जिनमें तीन शावक शामिल हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस नए बन रहे टाइगर रिजर्व में किसी अन्य क्षेत्र से बाघ लाकर नहीं छोड़े गए हैं। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से सटे इस इलाके में बाघ स्वाभाविक रूप से नई जगह तलाशते हुए पहुंचे हैं और अब यहां प्रजनन भी शुरू हो गया है। यह संकेत है कि क्षेत्र का जंगल, पानी और शिकार की उपलब्धता बाघों के लिए अनुकूल होती जा रही है।
डीएफओ (वन्यजीव) डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि बाघिन टी-117 की पहचान हो चुकी है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में करौली जिले की सीमा में चार टाइगर और धौलपुर जिले की सीमा में शावक समेत छह टाइगर सक्रिय हैं। वन विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि मां और शावक दोनों सुरक्षित रहें।
वन मंत्री संजय शर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस खुशखबरी को साझा किया। जारी की गई तस्वीर में बाघिन अपने शावक के साथ चलते हुए दिखाई दे रही है।
उल्लेखनीय है कि रणथम्भौर क्षेत्र में हाल की कुछ हिंसक घटनाओं के बाद वन विभाग सतर्क है और टाइगर मूवमेंट पर विशेष नजर रखी जा रही है। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में यह नया शावक वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
Published on:
16 Jan 2026 12:24 am
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