देहरादून, May 31, 2026

यह सांकेतिक तस्वीर है। Image - Pexels
Constable Arrested Uttarakhand: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में एक पुलिस कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया गया है। मामला रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के भूतबंगला इलाके का है, जहां भगवान वाल्मीकि मंदिर के मुख्य द्वार के सामने बकरे के अवशेष मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। घटना की जानकारी मिलते ही वाल्मीकि समाज के लोगों और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिसके चलते इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार, 29 मई को बकरीद के दिन दोपहर करीब एक बजे भगवान वाल्मीकि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने बकरे के अवशेष और गंदगी पाई गई। मंदिर के आसपास रहने वाले लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो उनमें नाराजगी फैल गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और माहौल खराब करने के उद्देश्य से किया गया था। घटना की सूचना तेजी से पूरे इलाके में फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के बाहर एकत्र होने लगे।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मंदिर के निकट रहने वाले अजीम नामक युवक ने अपने घर के सामने बकरे की कुर्बानी दी थी। आरोप है कि कुर्बानी के बाद उसने बकरे के अवशेष मंदिर के मुख्य द्वार के पास फेंक दिए। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और तत्काल कार्रवाई की मांग की। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में वैमनस्य पैदा कर सकती हैं और धार्मिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।
मोहल्ले के लोगों और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, जब उन्होंने इस घटना का विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि उसने गाली-गलौज की और खुद को उत्तराखंड पुलिस का कर्मचारी बताते हुए लोगों को डराने की कोशिश की। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी ने यह दावा किया कि पुलिस विभाग में होने के कारण उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। साथ ही उसने विरोध करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने तक की धमकी दी।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में लोग मंदिर के बाहर इकट्ठा हो गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। हालात को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में जुटी टीम ने फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र किया। पुलिस के अनुसार, फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। साक्ष्यों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
रुद्रपुर के क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने घटना के समय मौजूद स्थानीय लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस ने कई प्रत्यक्षदर्शियों को गवाह बनाया है ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। इनमें राजू वाल्मीकि, विजय वाल्मीकि, किशन शर्मा, रंजीत, वंश, मुनीष सहित अन्य स्थानीय निवासी शामिल बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि सभी गवाहों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई है।
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Published on: 31 May 2026 01:50 pm



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