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एक भाई बना था क्रिकेट बोर्ड का अध्यक्ष, दूसरा बनने जा रहा प्रधानमंत्री

Arafat Rahman Bangladesh: बांग्लादेश में तारिक रहमान (Tarique Rahman) अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनके छोटे भाई अराफात रहमान ने 2002-05 के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन के रूप में बांग्लादेशी क्रिकेट के नए दौर की शुरुआत की। 2015 में उनकी मृत्यु हो गई थी।

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भारत

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Saksham Agrawal

Feb 13, 2026

Arafat Rahman Bangladesh: बांग्लादेश के राजनीति से संबंध रखने वाले परिवार में जन्मे अराफात रहमान को 'कोको' के नाम से भी जाना जाता है। उनके भाई तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। हालांकि अराफात ने राजनीति से दूर रहकर क्रिकेट को अपना जीवन समर्पित किया। 12 अगस्त 1969 को जन्मे अराफात ने ऑस्ट्रेलिया में अपनी पढ़ाई की। इसी दौरान क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कोचिंग स्टाफ के साथ उनके संबंध बने, जो बाद में बांग्लादेश क्रिकेट के लिए अहम साबित हुए।

2001 में चुनावों के बाद वे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (Bangladesh Cricket Board) के विकास समिति के अध्यक्ष बने। 2002-05 के दौरान उन्होंने ओल्ड डीओएचएस स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। इसी क्लब की टीम से खेलते हुए युवा तमीम इकबाल ने 188 रन की शानदार पारी खेली, जिसका उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम में चयन पर अहम असर रहा।

बांग्लादेश क्रिकेट को दिया नया आयाम

अराफात ने ढाका के मिरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को शानदार इंटरनेशनल स्टेडियम में बदला, जिसे उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि माना जाता है। उन्होंने इस फुटबॉल स्टेडियम को एडवांस्ड ड्रेनेज सिस्टम और बेहतर सुविधाओं के साथ बांग्लादेश क्रिकेट का घर बना दिया। उनके कार्यकाल में चटगांव, सिलहट, खुलना, बोगुरा, नारायणगंज और ढाका में छह और स्टेडियमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया गया।

2003 विश्व कप में टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अराफात ने ऑस्ट्रेलियाई कोच डैव व्हाटमोर को बांग्लादेश का कोच बनाया। उन्होंने हाई-परफॉर्मेंस यूनिट की शुरुआत की। इस मुहिम ने शकीब अल हसन, मुशफिकुर रहीम और तमीम इकबाल जैसे खिलाड़ियों को तैयार किया। 2004 में बांग्लादेश ने अंडर-19 विश्व कप की सफल मेजबानी की, जिसने आगे चलकर 2011 के विश्व कप की सह-मेजबानी के लिए रास्ता खोला।

अराफात के चेयरमैन रहते हुए ही बांग्लादेश ने भारत पर पहली जीत दर्ज की

दिसंबर 2004 में भारतीय टीम बांग्लादेश दौरा पर गई थी। 26 दिसंबर को खेले गए इस सीरीज के दूसरे वनडे में बांग्लादेश ने ढाका में भारत पर 15 रन से अपनी पहली जीत दर्ज की। यह बांग्लादेश की घरेलू मैदान पर पहली जीत भी थी। व्हाटमोर की कोचिंग में बांग्लादेश ने 2005 में अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज की और 2007 विश्व कप में भारत को बड़े उलटफेर में हराकर सुपर एट में प्रवेश किया।

24 जनवरी 2015 को कुआलालंपुर में 45 साल की उम्र में हार्ट अटैक से अराफात की मृत्यु हो गई थी।