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चूरू में सबसे बड़े हॉस्पिटल के शिशु वार्ड में लगी आग, 15 बच्चे थे भर्ती, 2 बीकानेर रेफर

चूरू के राजकीय भरतिया अस्पताल के मातृ शिशु चिकित्सालय स्थित पीकू वार्ड में पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। चिकित्सा कर्मियों ने अग्निशमन यंत्रों से तुरंत आग पर काबू पा लिया। 15 बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया, दो को बीकानेर रेफर किया गया।

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चूरू

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Arvind Rao

Jan 22, 2026

Fire breaks out in children ward of Churu hospital

मौके का किया मुआयना (फोटो- पत्रिका)

Fire breaks out in children ward of Churu hospital: चूरू जिले के सबसे बड़े राजकीय भरतिया अस्पताल के मातृ शिशु चिकित्सालय की शिशु गहन चिकित्सा इकाई वार्ड में बुधवार सुबह सात बजे के करीब लगे पैनल बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग भड़कती इससे पहले ही चिकित्सा कर्मियों ने सूझबूझ दिखाते हुए अग्निशमन यंत्रों से आग पर नियंत्रण पा लिया, जिससे हादसा टल गया।

हालांकि, आग लगने से वार्ड की विद्युत व्यवस्था प्रभावित हुई। इस पर चिकित्सकों ने बच्चों को दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया तथा दो बच्चों को बीकानेर रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, वार्ड में जब गांव भालेरी के भर्ती एक बच्चे की मां ने नेबुलाइजर के लिए पैनल में प्लग लगाया तो शॉर्ट सर्किट हो गया और बोर्ड में आग लग गई।

उसी दौरान वार्ड में मौजूद रहे डॉ. सिद्धार्थ, नर्सिंग ऑफिसर गायत्री तथा सुमन आदि ने अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। गनीमत रही कि अस्पताल में उपलब्ध चार अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग फैलने से पहले ही रोक दी गई, जबकि वार्ड ऑक्सीजन लाइनों से जुड़ा हुआ है।

आग पर तुरंत नियंत्रण हो जाने से चिकित्सा कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वे नाइट ड्यूटी में स्टॉफ के साथ थे। पीकू वार्ड में निमोनिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती थे, जिन्हें सुबह के समय नेबुलाइज किया जाता है।

एक ही है आपातकालीन निकास

जांच में सामने आया कि पीकू वार्ड में एक ही आपातकालीन निकास है। वार्ड में दूसरा आपातकालीन निकास नहीं होने की गंभीर लापरवाही सामने आई। वार्ड में 20 बैड लगे हैं, जिसमें हादसे के समय वार्ड में करीब 15 बच्चे भर्ती थे, जिन्हें तत्काल पीडिया वार्ड में शिफ्ट किया गया। चिकित्सकों और नर्सिंग ऑफिसर ने 15 बच्चों में से 13 बच्चों को पीडिया वार्ड में शिफ्ट करवाया।

वार्ड के दो बच्चों को बीकानेर रेफर किया गया है। वार्ड में एक तो ऑक्सीजन सप्लाई लाइन, वैक्यूम प्रेशर लाइन और एयर लाइन की सप्लाई की जाती है। सुबह वार्ड में नर्सिंग अधिकारी सिटू कस्वां ने बताया कि वार्ड में सुबह 15 बच्चें उपचाराधीन थे, जिनके एक एक अभिभावक मौजूद थे। वार्ड में निमोनिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती थे।

मौके का किया मुआयना

घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली थाना के एसआई किशनाराम विश्नोई ने मौका मुआयना किया। अस्पताल स्टॉफ के अनुसार, पहले भी शॉर्ट सर्किट की घटनाओं के बारे में अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन पैनल बोर्ड को दुरुस्त करने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

पीकू वार्ड की गिर गई थी फॉल सिंलिंग

जानकारी के अनुसार, इससे पहले 13 जनवरी 2024 को पीकू वार्ड की फॉल सीलिंग गिर गई थी, लेकिन इसके बावजूद आज तक इसे ठीक नहीं करवाया गया है। जबकि वार्ड में आग लगने की दूसरी घटना है। बताया जा रहा है वार्ड के गैलरी में भी एक बार आग लग चूकी है। स्टॉफ की ओर से बिजली के दो पैनल बोर्ड बदलने के लिए शिकायत भी दर्ज करवाई, लेकिन बोर्ड आज तक नहीं बदले गए।

प्रशासन हुआ सक्रिय

सूचना मिलने पर जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा, सीएमएचओ डॉ. मनोज शर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी और उप अधीक्षक डॉ. इदरीश खान, डॉ. अमजद खान, डॉ. सदीप कुल्हरी, डॉ. मोहम्मद आदिल, डॉ. अंकितभान सहित अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे।

जिला कलक्टर सुराणा भरतिया अस्पताल में शॉर्ट सर्किट की सूचना पर तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौजूद कार्मिकों की सतर्कता से बड़ा हादसा टला और किसी प्रकार की हानि नहीं हुई। कलक्टर सुराणा ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर विद्युत व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा एवं मरीजों की सुविधाओं का जायजा लिया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने के लिए विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, सुरक्षा मानकों के पालन एवं आवश्यक एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था माकूल रखने, आपातकालीन सुविधा, ओपीडी, आईपीडी वार्ड, एमसीएच विंग, पीकू वार्ड, प्रसूति कक्ष, दवा वितरण काउंटर सहित अन्य उपचार इकाइयों का भी निरीक्षण किया और समुचित निर्देश दिए। कलक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनके स्वास्थ्य और अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं व उपचार आदि के बारे में जानकारी ली।