
Sikar Marriage Controversy (Patrika File Photo)
चूरू. बसंत पंचमी से एक बार फिर अंचल में शहनाईयां गूंजेगी और विवाह सहित मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पण्डितों के अनुसार शादी विवाह सहित सभी प्रकार के मांगलिक आयोजनों के लिए शुक्रवार को बसंत पंचमी सबसे बड़ा अबूझ मुर्हूत रहेगा। युवा-युवतियों के गृहस्थ आश्रम प्रवेश के लिए जिन घरों में वैवाहिक आयोजन है वहां मांगलिक गीत गूंजने लगे है। बस-कार, धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस, टैंट, हलवाई और बैंड बाजे आदि बुक हो चुके हैं।
पंडित दिनेश मिश्रा के अनुसार बसंत पंचमी के मौके पर शादी विवाह में बंधने वाले जोड़े एक दूसरे के हमसर बनने के लिए शुक्रवार को अबूझ मुहूर्त में 7 फेरे लेंगे। शेष लग्निक विवाह मुहूर्त 4 फरवरी से विधिवत रूप से शुरू होंगे। बसंत पंचमी के अबूझ मुहूर्त को लेकर थळी अंचल में होनेवाली शादियों की आवश्यक तैयारियों को आयोजकों ने अंतिम रूप दे दिया है।
4 फरवरी से शुरू होंगे मांगलिक कार्य
पंडित मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में शुक्र तारा अस्त होने से मांगलिक कार्यों की विधिवत शुरुआत अगले महीने फरवरी से होगी। फरवरी और मार्च माह में कुल 10 दिन ही ऐसे होंगे, जिन्हें विवाह मुहूर्त के रूप में माना गया है। इन्हीं दिनों में शादी-विवाह, गृह प्रवेश और अन्य संस्कार करवाएं जा सकेंगे। 4,6,10,19, 20 फरवरी तथा 9,10 एवं 11 मार्च श्रेष्ठ विवाह मुहूर्त रहेंगे।
Updated on:
23 Jan 2026 12:24 pm
Published on:
23 Jan 2026 12:23 pm
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