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Churu : यथा स्थान नियुक्त प्रधानाचार्यों की शुरू हुई काउंसिलिंग फिर हो गई स्थगित

माध्यमिक शिक्षा बीकानेर निदेशालय की ओर से 5वीं बार कार्यक्रम जारी कर काउंसिलिंग के आदेश दिए जिस पर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी और 19 जनवरी को वरीयता सूची में उल्लेखित आशार्थियों की ओर से विद्यालयों के चयन एवं विकल्प लॉक किया जाना था। अब जारी प्रक्रिया के बीच इसे आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।

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B.Tech Counseling: बीटेक में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू, 27 तक होगा रजिस्ट्रेशन

बीटेक में प्रवेश के लिए काउंसलिंग शुरू (Photo Patrika)

चूरू. यथा स्थान नियुक्त प्रधानाचार्य के पदस्थापन, स्थान आवंटन के लिए एक बार फिर जारी हुए आदेश के साथ ही सोमवार को शुरू हुई काउंसिलिंग की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर स्थगित कर दी गई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर की ओर से जारी आदेश अनुसार 12 जनवरी को शुरू हुई काउंसिलिंग की प्रक्रिया 19 जनवरी को पूर्ण होनी थी लेकिन पुन: स्थगित किए जाने से यथा स्थान प्रधानाचार्य को पदस्थापन के लिए इंतजार करना पड़ेगा।

माध्यमिक शिक्षा बीकानेर निदेशालय (Directorate of Secondary Education Bikaner) की ओर से 5वीं बार कार्यक्रम जारी कर काउंसिलिंग के आदेश दिए जिस पर शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी और 19 जनवरी को वरीयता सूची में उल्लेखित आशार्थियों की ओर से विद्यालयों के चयन एवं विकल्प लॉक किया जाना था। अब जारी प्रक्रिया के बीच इसे आगामी आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। रविवार को निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर (Director of Secondary Education Rajasthan Bikaner) की ओर से जारी किए आदेशों में कहा गया है कि उच्च न्यायालय (Rajasthan High Court) में दायर डीबी सिविल याचिका और अन्य याचिकाओं न्यायालय के पारित समेकित अंतरिम आदेश की अनुपालना में प्राचार्य डीपीसी पदस्थापन 12 जनवरी को निर्देशानुसार आगामी आदेशों तक स्थगित किया गया है।

इंतजार कर रहे हैं आचार्य
शिक्षा विभाग की ओर से पदोन्नत प्रधानाचार्य यथा स्थान पर कई माह से बेठे काउंसलिंग का इंतजार कर रहे है। जबकि अगस्त 2025 के बाद पाचं बार स्थानांतरण सूची जारी हो चूकी है। प्रकाशित खबरों और शिक्षक संगठनों के दबाव में काउंसलिंग कार्यक्रम की घोषणा की जाती रही है जिसके क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश अनुसार पिछले सप्ताह प्रधानाचार्यों की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू भी हो गई थी लेकिन पूूरी होने पहले ही थम गई।

पड़ा रहा नकारात्मक प्रभाव
शिक्षकों के अनुसार यथास्थान पदोन्नत होकर कार्य ग्रहण कर लेने से प्रधानाचार्य को तो कोई आर्थिक नुकसान नहीं हो रहा है मगर विद्यालय का पुरा ताना-बाना ही बदल गया। विद्यालय मे प्रधानाचार्य समकक्ष होने के कारण ना केवल आपसी समन्वय भी बिगड रहा है बल्कि जो अध्यापन कालाशं उन्हें पदोन्नति से पूर्व थे उनमें ही अध्ययन करवाने में गुरेज किया जा रहा है जिससे विद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ।

अनेक विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन
शिक्षा विभाग द्वारा समय पर काउंसिलिंग नहीं होने एवं चार स्थानांतरण सूचियां जारी होने के बाद दूरस्थ जिलों के अनेक विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हो गए जिससे शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित रही। दूसरी ओर बार-बार निवेदन करने के बाद भी शिक्षा विभाग की काउंसिलिंग कार्यक्रम की घोषणा और स्थगित करना यह समझ से परे रहा।

बोर्ड परीक्षा व नया शैक्षणिक सत्र
शिक्षा विभाग की ओर से अगला शैक्षणिक सत्र एक अप्रैल से आरंभ करने के निर्देश जारी हुए है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं का आयोजन भी फरवरी माह से आरंभ करने की तैयारियां हैं, ऐसे में विभाग के इन महत्वपूर्ण कार्यों को बिना प्रधानाचार्य करवाया जाना एक चुनौती बन गया था।

राजस्थान में 4529 स्थान चयन के लिए उपलब्ध
जानकारी के अनुसार यथास्थान पदोन्नत 3842 प्रधानाचार्य अपने पदस्थापन के लिए 4529 स्थानों में से अपना चयन कर सकेगें। लगभग 80 प्रतिशत विद्यालयों को प्रधानाचार्य का काउंसिलिंग के बाद ही पदस्थापित किया जाएगा।

न्यायालय के अधीन काउंसिलिंग
जानकारी के अनुसार जैसे ही कार्यक्रम की घोषणा हुई फिर एक नई बाधा सामने आ गई है। उच्च न्यायालय द्वारा एक रिट याचिका स्वीकार करते हुए उसकी सुनवाई की तारीख 27 जनवरी दी है जिसके क्रम में माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश के अनुसार काउंसिलिंग प्रकिया हुई जो अब आगामी आदेश के बाद होगी जबकि पदस्थापन के आदेश उच्च न्यायालय के आगामी दिशा निर्देशों के अनुसार ही जारी हो सकेगें।

इनका कहना है
- निदेशक माध्यमिक शिक्षा बीकानेर के आदेश अनुसार यथास्थान प्रधानाचार्य के पदस्थापन अन्तर्गत काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू हुई थी। जिस पर उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार स्थगित किया गया है। इसलिए आगामी आदेश तक काउंसिलिंग प्रक्रिया बंद रहेगी। संतोष कुमार महर्षि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी चूरू

- राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना में काउंसंलिंग कार्यक्रम निरस्त हुआ है। अब शिक्षा विभाग को चाहिए कि 27 जनवरी को न्यायालय ओर से की जानेवाली सुनवाई में विभाग अपना मजबूत पक्ष रख काउंसिलिंग करवाने का प्रयास करें। राम कुमार खीचड जिलाध्यक्ष रेसा पी चूरू

- प्रधानाचार्यों की काउंसलिंग की प्रक्रिया नए आए आदेशानुसार स्थगित कर दी गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से काउंसिलिंग आगामी आदेशों के बाद ही शुरू की जा सकेगी। प्रमेंद्र शर्मा, सहायक निदेशक कार्यालय संयुक्त निदेशक चूरू