14 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

UPI से गलत नंबर पर भेज दिए पैसे? ऐसे पा सकते हैं वापस, जानिए प्रक्रिया

गलत UPI ट्रांजैक्शन होने पर पैसा अपने आप वापस नहीं आता, लेकिन तय शिकायत प्रक्रिया के जरिए वापसी की कोशिश की जा सकती है। समय पर शिकायत, सही जानकारी और नियमों का पालन करने से समाधान की संभावना बढ़ जाती है।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Thalaz Sharma

Jan 13, 2026

wrong upi transaction

प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

डिजिटल पेमेंट सिस्टम में UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है और रोजाना इसके जरिए बड़ी संख्या में ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत पैसे भेजने की सुविधा ने लेनदेन को आसान बनाया है, लेकिन इसी तेजी के कारण गलत UPI ID या गलत नंबर पर पैसा ट्रांसफर होने के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में यूजर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि क्या गलत ट्रांजैक्शन होने पर पैसा वापस मिल सकता है और इसके लिए क्या नियम लागू होते हैं। बैंकिंग सिस्टम के मौजूदा नियमों के अनुसार, गलत UPI ट्रांजैक्शन की स्थिति में पैसा वापस पाने की प्रक्रिया तय है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तों और समयसीमा का पालन करना जरूरी होता है।

गलत UPI पेमेंट पर शिकायत प्रक्रिया

अगर किसी व्यक्ति से गलत नंबर या अकाउंट में UPI पेमेंट हो जाता है, तो सबसे पहले उसे अपने UPI ऐप में ट्रांजैक्शन डिटेल्स चेक करनी होती हैं। इसके बाद ऐप में मौजूद हेल्प या शिकायत सेक्शन में जाकर उस ट्रांजैक्शन के लिए शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा NPCI हेल्पलाइन के नंबर पर 1800-120-1740 शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत दर्ज करते समय यूनीक ट्रांजैक्शन रेफेरेंस (UTR), तारीख और राशि जैसी जानकारी देना जरूरी होता है। इसके अलावा यूजर अपने बैंक के कस्टमर केयर से भी संपर्क कर सकता है, जहां लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है।

पैसे वापसी की प्रक्रिया

UPI से जुड़े नियमों के तहत बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर सीधे तौर पर पैसा वापस नहीं कर सकते, क्योंकि ट्रांजैक्शन रिसीवर की सहमति के बिना रिवर्स नहीं किया जा सकता। शिकायत दर्ज होने के बाद बैंक रिसीवर बैंक से संपर्क करता है और रिसीवर से राशि लौटाने का अनुरोध करता है। अगर रिसीवर सहमत होता है, तो पैसा वापस ट्रांसफर कर दिया जाता है। हालांकि, रिसीवर के मना करने की स्थिति में बैंक के पास सीमित विकल्प होते हैं और मामला लंबा खिंच सकता है।

कानूनी और नियामकीय विकल्प

अगर गलत UPI ट्रांजैक्शन की राशि वापस नहीं मिलती है, तो यूजर लोकल शिकायत सिस्टम का सहारा ले सकता है। तय समयसीमा में समाधान न मिलने पर मामला उच्च स्तर पर भेजा जा सकता है। कुछ मामलों में साइबर सेल या संबंधित प्राधिकरण के पास भी शिकायत दर्ज कराई जाती है, खासकर जब ट्रांजैक्शन धोखाधड़ी से जुड़ा हो। नियमों के अनुसार, यूजर को ट्रांजैक्शन के तुरंत बाद शिकायत दर्ज करनी चाहिए, ताकि समाधान की संभावना बनी रहे।