
गोल्ड ईटीएफ में निवेश तेजी से बढ़ा है। (PC: AI)
Gold ETF: सोने-चांदी में रेकॉर्ड तेजी और भारतीय शेयर बाजार में उठापटक के बीच छोटी-मझोली कंपनियों के मुकाबले लार्जकैप कंपनियों के शेयरों के मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। इस कारण निवेशक अब रिस्की फंड्स के मुकाबले सुरक्षित समझे जाने वाले म्यूचुअल फंड्स पर दांव लगा रहे हैं। यही वजह है कि इक्विटी फंड्स में निवेश घटने के बावजूद दिसंबर में फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेश 23 फीसदी बढ़कर 10 हजार करोड़ रुपये को पार कर गया है।
दिसंबर में इक्विटी फंड्स में निवेश 6% घटकर 28,054 करोड़ रुपये रह गया। जबकि पहली बार एसआईपी से निवेश 31,000 करोड़ को पार कर गया। सोने-चांदी में जबरदस्त तेजी के कारण गोल्ड ईटीएफ में निवेश नवंबर के मुकाबले 211 फीसदी से बढ़कर 11,647 करोड़ के रिकॉर्ड हाई पर जा पहुंचा।
एक्टिव फंड्स की ओर से बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कम रिटर्न देने के कारण पैसिव फंड्स ( ईटीएफ और इंडेक्स फंड) में निवेश नवंबर के मुकाबले 74% बढ़कर 26,723 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। आरबीआइ की ओर से ब्याज दरें घटाने के कारण डेट म्यूचुअल फंड्स से 1.32 लाख करोड़ रुपए की निकासी हुई।
ओम्नीसाइंस कैपिटल के सीईओ विकास गुप्ता ने कहा, म्यूचुअल फंड में पैसा लगातार आ रहा है, जिससे साफ है कि निवेशकों को भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की लंबी अवधि की संभावनाओं पर भरोसा है। भारतीय शेयर बाजार में पिछले एक साल से चल रहे उतार-चढ़ाव और सोना-चांदी में मिले शानदार रिटर्न की वजह से मल्टी एसेट फंड्स में निवेश तेजी से बढ़ा है।
Published on:
10 Jan 2026 12:31 pm
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