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इस सुपरहिट गाने के पीछे छुपा है डायरेक्टर का खौफनाक डर, बोले- मुझे बहुत ट्रॉमा देती थी…

Karan Johar Films: फिल्म इंडस्ट्री के फेमस निर्देशक करण जौहर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने करियर के एक अनजान पहलू को शेयर किया, जिसमें उनके सुपरहिट गाने के पीछे छुपा हुआ एक खौफनाक डर था।

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इस सुपरहिट गाने के पीछे छुपा है डायरेक्टर का खौफनाक डर, बोले- मुझे बहुत ट्रॉमा देती थी...

फिल्म डायरेक्टर करण जौहर संग कोरियोग्राफर सरोज खान (सोर्स: x @TheFarahKhan के अकाउंट द्वारा)

Karan Johar Films: करण जौहर आज बॉलीवुड के फेमस फिल्म डायरेक्टर में से एक हैं, लेकिन उनका फिल्मी सफर बहुत ही साधारण और संघर्षपूर्ण शुरुआत से हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1995 में आई सुपरहिट फिल्म 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' में आदित्य चोपड़ा के असिस्टेंट के रूप में शेयर किया था। उस समय करण कॉस्ट्यूम असिस्टेंट के रूप में काम कर रहे थे और उनके अनुभव आज भी उनकी यादों में ताजा हैं।

करण ने स्थिति का समाधान निकालने की ठानी

फिल्ममेकर करण जौहर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि कैसे फेमस कोरियोग्राफर सरोज खान के साथ काम करते हुए वो काफी तनाव में थे और इसे वो एक ट्रॉमा कहते हैं, क्योंकि सरोज खान उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं करती थी और ट्रॉमा देती थी। बता दें, 'मेहंदी लगा के रखना' गाने की शूटिंग के दौरान उन्हे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा और इस गाने में कॉस्ट्यूम को लेकर कई निर्णय लिए जा रहे थे, जो करण की जिम्मेदारी थी कि सेट पर सब कुछ सही ढंग से चले।

हालांकि कपड़े मनीष मल्होत्रा​ और पामेला चोपड़ा के डिजाइन किए गए थे, लेकिन करण को सारी व्यवस्था संभालनी थी। दरअसल, इस बीच एक खास घटना उन्होंने बताई जब 'शावा' डांस स्टेप के दौरान डांसर्स के लिए लाल रंग के स्कार्फ की कमी थी। कम समय में इतने सारे स्कार्फ जुटाना कठिन था, लेकिन करण ने स्थिति का समाधान निकालने की ठानी। उन्होंने सरोज खान की सहायक जोजो को ये सलाह दी कि डांसर एक हाथ में जेब रखें और दूसरे हाथ में स्कार्फ पकड़ें, ताकि स्टाइलिश लगे। हालांकि सरोज खान को ये आइडिया बिल्कुल पसंद नहीं आया और उन्होंने करण को जमकर कड़ी फटकार लगाई।

करण के जिंदगी का सबसे तनावपूर्ण पल

इतना ही नहीं, करण ने बताया कि उस समय सरोज खान उनसे बहुत कठोर व्यवहार करती थीं और एक बार तो उन्होंने उन्हें लाल साटन कपड़ा ढूंढने के लिए गोरेगांव की सड़कों पर दौड़ना पड़ा, जिसपर करण ने इसे अपनी जिंदगी का सबसे तनावपूर्ण पल बताया। इसके साथ ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरोज खान बेहद कड़ी लेकिन बहुत प्रतिभाशाली थीं।

वहीं दूसरी ओर, करण की उत्साही और सीधी राय देने की आदतों ने भी उन्हें परेशानी में डाला। एक बार उन्होंने शाहरुख खान और काजोल के लिए डंगरी की टिप भी दी, जिसे लेकर सरोज खान काफी नाराज हुईं लेकिन करण ने उस वक्त भी बिना हिचक अपने विचार रखे। दरअसल, आदित्य चोपड़ा उस समय निर्देशक के रूप में थे, जो अक्सर करण को चुप रहने की नसीहत देते थे क्योंकि तब करण इस क्षेत्र में नए थे और काफी कुछ सीखना बचा था। बता दें, करण जौहर के इस सफर में चाहे कोई कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो जाए, शुरुआत में सभी को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उनकी मेहनत और सीखने की इच्छा ने ही उन्हें आज बॉलीवुड के चमकते सितारे बनने में मदद की।