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जॉयफुल लर्निंग से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बता रहे विज्ञान के सिद्धांत

विज्ञान की अनोखी गतिविधियों को देख रोमांचित हो रहे विद्यार्थी

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फोटो: पत्रिका।

फोटो: पत्रिका।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान के जटिल सिद्धांत अब जॉयफुल लर्निंग के माध्यम से सरल और रोचक तरीके से समझाए जा रहे हैं। खास बात ये है कि बच्चे भी खेल-खेल में विज्ञान के सिद्धांत शौक से सीख रहे है। विद्यार्थियों में विज्ञान विषय की आधारभूत समझ और जटिल सिद्धांतों को सहजता से सीखाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक दीपक जोशी की ओर से जॉयफुल लर्निग किट पर कार्य किया जा रहा है। तैयार किए गए इस मॉडल के जरिए कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न अध्यायों को प्रयोगों के माध्यम से समझाया जा रहा है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत पानी, भार और स्प्रिंग से जुड़ी गतिविधियों के जरिए आरके मिडीज, न्यूटन क्रैडल जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को लाइव डेमोंस्ट्रेशन के साथ समझाया जाता है। विद्यार्थी स्वयं प्रयोगों में भाग लेकर सीख रहे हैं, जिससे उनकी जिज्ञासा और समझ दोनों में वृद्धि हो रही है।


अब तक 10 सरकारी स्कूलों में प्रदर्शन

अब तक जिले के 10 सरकारी स्कूलों में इस मॉडल का प्रदर्शन किए जा चुका है। कक्षा में प्रयोगात्मक शिक्षण को देखकर विद्यार्थी उत्साहित नजर आए और उन्होंने विज्ञान को लेकर सकारात्मक रुचि दिखाई। विद्यार्थियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से वैज्ञानिक सोच विकसित होती है और विषय को समझना आसान हो जाता है। इस मॉडल के माध्यम से विज्ञान के सिद्धांतों के बारे में बताया गया है।

तैयार की अलग किट

इस प्रोजेक्ट के लिए जोशी ने एक प्रोजेक्ट सामग्री किट तैयार कर रखी है। इसे उन्होंने खुद बनाई विज्ञान किट, शिक्षण सामग्री, दैनिक जीवन की सामग्री, कबाड़ की सामग्री और कुछ रेडीमेड विज्ञान सामग्री का उपयोग किया है। इन सबका खर्च खुद ने ही उठाया है। इस प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों के समक्ष 100 से अधिक प्रयोगों और गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया है।

इन सिद्धांतों पर काम और अध्ययन
इस किट में मैग्नीशियम रिबन और स्प्रिट लैंप द्वारा रासायनिक परिवर्तन को समझना, लैक्टोमीटर से दूध की शुद्धता की जांच करना, हल्दी, नींबू व डिटर्जेंट से उदासीनीकरण अभिक्रिया को समझना, सोलर पैनल सिस्टम से सौर ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा उत्पादन को समझना, यूनिवर्सल पीएच मीटर से विलयनों की अध्ययन, स्प्रिंग तुला और पेंडुलम वेट की सहायता से आरकेमिडीज के सिद्धांत को समझना, लेंस, दर्पण, प्रिज्म, ग्लास स्लैब एवं लेजर लाइट की सहायता से प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन, वर्ण विक्षेपण, पूर्ण आंतरिक परावर्तन को समझना, लेजर लाइट शो का प्रदर्शन करना, शिक्षण अधिगम मॉडल से न्यूटन के गति के नियमों, गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत और गुरुत्वीय त्वरण को समझना, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर की क्रियाविधि को समझना, पेंडुलम वेट की सहायता से सरल आवर्त गति को समझना, कैल्शियम ऑक्साइड और जल की क्रिया से उष्माक्षेपि अभिक्रिया का अध्ययन करना सहित सिद्धांत समझाए जा रहे है।

विषय प्रति रुचि होती है उत्पन्न
दीपक जोशी ने बताया कि कई बार विज्ञान पढ़ाते समय विद्यार्थी को समझने में परेशानी होती थी। इस वजह से ही इस किट को तैयार करने के बारे में सोचा। कई महीनों की मेहनत के बाद ये तैयार हुआ। इसमें विद्यार्थी जो विज्ञान के सिद्धांत और विषयवस्तु अपनी पाठ्यपुस्तक में पढ़ते हैं, उसे वे गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से विद्यार्थियों के समक्ष प्रत्यक्ष प्रदर्शित करते है। जटिल सिद्धांतों और विज्ञान की अनोखी गतिविधियों को देख बच्चे रोमांचित होते हैं। बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कौशल भी विकसित होती है। जोशी ने बताया कि इन सब से बच्चों में विज्ञान विषय के प्रति रुचि उत्पन्न होती है और विज्ञान विषय में अपना भविष्य बनाने के प्रति सजग हो रहे हैं।