24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गांवों में रोडवेज के थमे पहिए, निजी दौड़ रही

बीकानेर के ग्रामीण रूटों पर रोडवेज की बसें बंद कर दी गई है। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। निजी बस ऑपरेटर मनमाना किराया वसूल करते है।

3 min read
Google source verification

बीकानेर. सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाकर यात्रियों को रोडवेज बसों में सफर के लिए आकर्षित किया जा रहा है। जबकि कई रूटों पर रोडवेज बसों की कमी के कारण यात्रियों को मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। जबकि जिम्मेदारों की ओर से बसों को शुरू करने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

जानकारी के अनुसार राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की ओर से यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाती है। प्रत्येक यात्री के बीमा होता है और किराए में भी छूट दी जा रही है। यही नहीं महिलाओं का आधा किराया ही लगता है। साथ ही वृद्धों, दिव्यांगों के लिए भी विशेष सुविधाएं है। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के कई मेलों में आने वाले श्रद्धालुओं को किराए में विशेष छूट, रक्षाबंधन पर नि:शुल्क यात्रा, मेलों की भीड़ के दौरान अतिरिक्त बसों के संचालन आदि की व्यवस्थाएं कर यात्रियोंं को रोडवेज बसों में सफर के लिए आकर्षित किया जा रहा है। जबकि बीकानेर आगार की ओर से ग्रामीण अंचल के कई रूट पर बसों की संख्या कम होने एवं हरिद्वार, श्रीगंगानगर व अहमदाबाद के लिए बस सेवा बंद कर दिए जाने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है और उन्हें मजबूरन निजी बसों में सफर करना पड़ रहा है।

उदयपुर के लिए सीधी केवल एक बस और दिल्ली के लिए 3 बसें संचालित

बीकानेर से जैसलमेर, जोधपुर, फलोदी, जयपुर, नागौर, हनुमानगढ़, कोटा सहित अन्य आगार की बसों का संचालन होता है। इनमें जयपुर व श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, जोधपुर व जैसलमेर रूट पर यात्रीभार भी अच्छा है, लेकिन बसों की पर्याप्त संख्या नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है। सूत्रों के अनुसार सुबह सवा सात बजे दिल्ली वाया झुंझुनू, सुबह 7.40 बजे दिल्ली वाया राजगढ़ और, 8.45 बजे दिल्ली वाया नोहर भादरा व दोपहर 1 बजे बीकानेर के लिए बसें संचालित होती है। बांसवाड़ा वाया अजमेर दोपहर एक बजे, शाम साढ़े चार बजे बांसवाड़ा वाया जोधपुर-उदयपुर, बीकानेर से उदयपुर सुबह सात बजे सीधी बस सेवा केवल एक है।

हरिद्वार रूट पर बंद की बस

पूर्व में रोडवेज की ओर से बीकानेर से हरिद्वार तक बस संचालित की जाती थी। जिसे करीब दो वर्ष पूर्व बंद कर दिया गया और पुन: शुरू नहीं किया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से अस्थि कलश योजना के अंतर्गत किसी व्यक्ति के निधन पर दो जनों को अस्थियां विसर्जित करने के लिए नि:शुल्क यात्रा करवाई जाती है, लेकिन हरिद्वार के लिए बस सेवा ही बंद होने के कारण यात्रियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

निजी बसोंं में यात्रा करना मजबूरी

बीकानेर से प्रतिदिन सैंकड़ों यात्री सफर करते है। जिले के ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी है। जिसके कारण यहां निजी बसों का बोल-बाला है। निजी बसों के संचालक मनमाना किराया वसूल रहे है। जबकि रोडवेज की ओर से बसों का संचालन बढ़ाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

बसें बढ़ाकर गांवों में नई बसें शुरू करें तो बने बात

रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारी विनोद भाकर बताते हैं कि पहले बीकानेर से लूणकरनसर लोकल रूट पर दो बसें चलती थी लेकिन अब एक भी नहीं है। जबकि इस रूट पर कई बड़े गांव स्थित है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते है। बीकानेर से नोखा, लूणकरनसर, छतरगढ़, कोलायत तक प्रतिदिन करीब दो दर्जन निजी बसों का संचालन होता है और श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ के लिए भी करीब एक दर्जन निजी बसें संचालित होती है। बीकानेर से सैकड़ों गांवों के लिए 50-55 निजी बसें चलती है। जबकि रोडवेज की केवल 8-10 बसें ही संचालित है। ऐसे में रोडवेज की ओर से इन रूटों पर बसें बढ़ाई जाती है तो राजस्व आय में बढ़ोतरी हो सकती है। इसी प्रकार बीकानेर के कई ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित ही नहीं हो रही है। यहां करीब 50 से अधिक निजी बसें संचालित होती है। ग्रामीण रूटों पर बसें संचालित की जाती है तो यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

फैक्ट फाइल: 89 से अधिक बसें बीकानेर से होती है संचालित

- श्रीगंगानगर के लिए एक भी रोडवेज बस नहीं- दो साल पहले हरिद्वार और एक साल पहले अहमदाबाद बस के लिए बस बंद कर दी

- बीकानेर से टोहाना बस हनुमानगढ डिपो को सौंपी- बीकानेर से कालू पहले दो अब केवल एक बस

- महादेववाली, बिंझरवाली, लाखूसर से लूणकरनसर, लूणकरनसर से मलकीसर-शेखसर रूट पर पहले बसें चलती थी, जो वर्तमान में बंद हैं।