11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीवेज के पानी में उग रही सब्जियां, 15 मिनट ये 2 चीजें डालकर धुलें, तभी खाएं

MP News: शोध बताते हैं कि सीवेज के पानी में औद्योगिक कचरा और घरेलू गंदगी मिली होती है, इससे सब्जियों में तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है....

2 min read
Google source verification
Vegetables growing

Vegetables growing प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

MP News: यदि आप भी बाजार से चमकते लाल टमाटर या ताजी मूली-गाजर घर ला रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। शहर के बड़े नालों के किनारे सीवेज के पानी से उगी ये सब्जियां पोषण नहीं, बल्कि खतरनाक भारी धातुएं आपके शरीर में पहुंचा रही हैं। करोंद, भानपुर और लखेरापुरा जैसे क्षेत्रों के आसपास सीवेज फार्मिंग का काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।

डॉ. सुभाष सी पांडेय ने बताया कि प्राकृतिक रूप से सब्जियों में मानव शरीर के लिए अनिवार्य तत्व पाए जाते हैं, लेकिन सीवेज से जब इन्हीं सब्जियों को उगाया जाता है, तो इन सब्जियों में घातक तत्व शामिल हो जाते हैं। वहीं सब्जियों में मौजूद प्राकृतिक धातुओं की मात्रा को नकारात्मक रूप से घटा या बढ़ा देते हैं।

सीवेज फार्मिंग जब अमृत बन जाता है जहर

भोपाल के इलाकों में किसान नगर निगम के नालों के पानी से सिंचाई करते हैं। शोध बताते हैं कि सीवेज के पानी में औद्योगिक कचरा और घरेलू गंदगी मिली होती है, इससे सब्जियों में तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है।

भारी धातुओं का जमाव

सीवेज के पानी से सब्जियों में लेड (सीसा), कैडमियम, मरकरी (पारा) और आर्सेनिक की मात्रा सामान्य से 10-50 गुना बढ़ जाती है। सब्जियों की जांच में पाया कि प्राकृतिक रूप से पाए जाने तत्व जैसे- फाइबर, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट, फाइटोकेमिकल्स, कैलोरी, वसा और प्रोटीन असामान्य थे। इसके अलावा लंबे समय तक सीवेज से सिंचाई करने पर मिट्टी में जिंक और कॉपर जैसे तत्वों का संतुलन खराब हो जाता है, इससे सब्जियों की प्राकृतिक मिठास खत्म हो जाती है।

सब्जियों का सामान्य पोषण, जो हमें मिलना चाहिए

टमाटर और बैंगन: पोटैशियम, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स।
आलू: कार्बोहाइड्रेट और फास्फोरस।
गोभी और मूली: फाइबर, कैल्शियम और आयरन।
गाजर: बीटा-कैरोटीन और विटामिन ए।

सब्जियों को बाजार से लाने के बाद कम से कम 15 मिनट तक गुनगुने नमक के पानी या बेकिंग सोडा के घोल में भिगोकर रखें। जड़ वाली सब्जियों जैसे मूली और गाजर को अच्छी तरह छीलकर ही इस्तेमाल करें। -डॉ. पद्मा भाटिया, कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ, जीएमसी भोपाल

मानव स्वास्थ्य पर साइलेंट अटैक

किडनी और लिवर फेलियरः कैडमियम और लेड सीधे तौर पर किडनी को डैमेज करते हैं।

कैंसर का खतराः लंबे समय तक आर्सेनिक युक्त सब्जियां खाने से त्वचा और फेफड़ों के कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।

बच्चों का विकास अवरुद्धः सीसा बच्चों के मानसिक विकास को रोकता है और उनकी याददाश्त कमजोर करता है।

पेट की बीमारियां: सीवेज के पानी में मौजूद ई-कोलाई बैक्टीरिया मूली और गाजर जैसी कच्ची खाई जाने वाली सब्जियों के जरिए आंतों में संक्रमण फैलाते हैं।