
MP News: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके से लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां घर से लापता बुजुर्ग की लिफ्ट के ग्राउंड फ्लोर होल में गिरने से मौत हो गई। अचानक लिफ्ट ऊपर की मंजिल से नीचे आई और खराब हो गई। इसके बाद 11 दिनों तक बुजुर्ग की लाश खराब लिफ्ट के नीचे पड़ी रही।
परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। न पुलिस ने बुजुर्ग की तलाश की ना बिल्डर ने लिफ्ट को ठीक करवाया। रहवासियों के मुताबिक दो महीने से लिफ्ट बार बार बंद हो रही थी और घटना वाले दिन अचानक काम करना बंद कर दिया।
लिफ्ट को चालू करके फ्लोर पर भेजा गया तो उसके नीचे 77 साल के बुजुर्ग की सड़ी हुई लाश बरामद हुई। शनिवार को जब वहां से बदबू फैलने लगी तो जब लिफ्ट सुधारने के लिए इंजीनियर बुलाए गए, तब मौत का खुलासा हुआ। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेटा मनोज ने बताया कि 6 जनवरी को वे मंडीदीप के लिए घर से निकले थे।
मनोज ने आरोप लगाते हुए बताया कि कॉलोनी की देखरेख सोनाली नाम की महिला करती है और लिफ्ट पिछले दो महीनों से बार-बार खराब हो रही थी। इसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन न तो समय पर मरम्मत कराई और न ही सुरक्षा को लेकर कोई गंभीरता दिखाई गई।
परिजनों का आरोप है कि पिता प्रीतम गिरी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी, लेकिन इस दौरान पुलिस न तो लिफ्ट परिसर की जांच की और न ही आसपास गहन तलाशी ली गई। रहवासियों का यह भी आरोप है कि पूरी कॉलोनी में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। अगर कैमरे होते तो यह साफ हो जाता कि बुजुर्ग कॉलोनी से बाहर गए ही नहीं थे।
परिजनों ने बताया कि कॉलोनी में हर महीने 1800 रुपए मेंटेनेंस लिया जाता है, इसके बावजूद लिफ्ट अक्सर बंद रहती है। पहले बिल्डर व्यवस्थाएं देखता था, लेकिन उसके जेल जाने के बाद हालात और बिगड़ गए।
दो दिन पहले लिफ्ट के आसपास तेज बदबू फैलने लगी। इसके बाद जब इंजीनियर बुलाए गए और लिफ्ट ऊपर लाई गई तो नीचे प्रीतम गिरी का शव मिला। मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार का कहना है कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण साफ हो पाएगा कि बुजुर्ग की मौत गिरने से या दबने से हुई।
Published on:
18 Jan 2026 02:31 pm
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