
Protests against contractual appointments intensify in MP
MP PWD- मध्यप्रदेश में संविदा कर्मचारियों, अधिकारियों का विरोध हो रहा है। खासतौर पर लोक निर्माण विभाग यानि पीडब्ल्यूडी में संविदा नियुक्तियों पर बवाल मचा हुआ है। विभाग के मुख्य अभियंता यानि चीफ इंजीनियरों ने रिटायर कर्मचारियों, अधिकारियों को संविदा पर रखने का जबर्दस्त विरोध किया है। ऐसे लोगों को विभाग में ईएनसी बनाया जा रहा है जबकि प्रभारी मुख्य अभियंताओं का कहना है कि वे खुद ये जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। संविदा पर बाहरी अधिकारियों की नियुक्ति से उनका हक मारा जा रहा है।
प्रभारी मुख्य अभियंताओं ने बताया कि प्रदेश के कई विभागों में प्रमुख अभियंता का पद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए आरक्षित रखा गया था। नगरीय प्रशासन विभाग, अर्बन डेवलपमेंट प्राधिकरण, सड़क विकास निगम, सीटीई आदि में प्रतिनियुक्ति के तहत पीडब्लूडी के अफसर पदस्थ किए जाते थे। अब यहां रिटायर लोगों को संविदा पर रख लिया गया है।
पीडब्लूडी के करीब आधा दर्जन सीनियर इंजीनियर इससे बहुत खफा हैं। उनका कहना है कि संविदा नियुक्ति की बजाए
प्रभारी मुख्य अभियंता ही ईएनसी बनकर ये जिम्मेदारी संभाल सकते थे।
इंजीनियरों ने बताया कि भवन निर्माण निगम में प्रमुख अभियंता का पद पीडब्ल्यूडी के लिए आरक्षित रहा लेकिन अब यहां भी संविदा नियुक्ति कर ली गई है। विवाद हुआ तो मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया। फिलहाल कोर्ट में यह केस
विचाराधीन है।
प्रतिनियुक्ति में ईएनसी के पद पर रिटायर लोगों को संविदा पर रखने की शिकायत लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंताओं ने अब उच्च स्तर पर की है। उनका कहना है कि वे रिटायर होने के पास आ चुके हैं, संविदा नियुक्ति कर हक नहीं मारा जाए।
Updated on:
26 Jan 2026 07:40 pm
Published on:
26 Jan 2026 07:39 pm
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