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भोपाल, Jun 01, 2026

एमपी में छात्रों के लिए शुरु होगा ‘फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन’, सिर्फ दो से ढाई साल में होंगे ग्रेजुएट

Fast-Track Graduation : उच्च शिक्षा विभाग ने शुरू की ऑनलाइन कोर्स की मैपिंग, सिर्फ दो से ढाई साल में होंगे ग्रेजुएट। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी हो सकती है। नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को इसका लाभ मिल सकेगा।

Fast-Track Graduation

छात्रों के लिए शुरु होगा 'फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन' (Photo Source- Patrika)

MP Students :मध्य प्रदेश में कॉलेज की पढ़ाई अब सिर्फ तय वर्षों की सीमा में बंधी नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई क्रेडिट आधारित व्यवस्था अपनाने के बाद छात्रों के लिए फास्ट ट्रैक ग्रेजुएशन का रास्ता खुल सकेगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने खुद और एनपीटीईएल पर उपलब्ध ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म कोर्सेस की विश्वविद्यालयों के विषयों से मैपिंग करना शुरू कर दी है।

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, ये प्रक्रिया करीब एक महीने में पूरी होने की संभावना है। अगर सबकुछ ठीक समय पर हो गया तो नए शैक्षणिक सत्र से छात्रों को इस व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद छात्र रेगुलर पढ़ाई के साथ 40 प्रतिशत कोर्स ऑनलाइन शॉर्ट - टर्म कोर्स करके अतिरिक्त क्रेडिट अर्जित कर सकेंगे। अगर छात्र तय समय से पहले जरूरी क्रेडिट पूरे कर लेते हैं तो वे अपनी स्नातक डिग्री 2 से 2.5 साल के भीतर ही पूरी कर सकेंगे। फिलहाल, यूजी डिग्री के लिए करीब 160 क्रेडिट जरूरी होते हैं।

उच्च शिक्षा विभाग कर रहा तय

उच्च शिक्षा विभाग बोर्ड ऑफ स्टडीज के माध्यम से ये तय करने का काम कर रहा है कि, कौन - कौन से ऑनलाइन कोर्स विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम से जोड़े जा सकते हैं। विस्तृत दिशा - निर्देश और मान्य ऑनलाइन कोर्सेस की सूची जारी की जाएगी। विश्वविद्यालयों को भी ऑनलाइन कोर्स की परीक्षा आयोजित करने और क्रेडिट ट्रांसफर व्यवस्था लागू करने के लिए यूजीसी गाइडलाइन अपनानी होगी।

ऐसे काम करेगा नया सिस्टम

-रेगुलर पढ़ाई के साथ ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म कोर्स किया जा सकेगा।
-परीक्षा के बाद अतिरिक्त क्रेडिट अंक मिलेंगे।
-यही क्रेडिट अंक मुख्य डिग्री में भी जोड़े जाएंगे।
-तय क्रेडिट जल्दी पूरे होने पर डिग्री भी जल्दी मिल जाएगी।

छात्रों को इससे क्या फायदा होगा

-कम समय में डिग्री: 3 साल का कोर्स 2-2.5 साल में पूरा करने का अवसर।
-नई स्किल्स: इंडस्ट्री बेस्ड कोर्स से रोजगार क्षमता बढ़ेगी।
-डिजिटल लर्निंग: घर बैठे देशभर के संस्थानों के कोर्स करने की सुविधा।
-कॅरियर लाभ: आधुनिक विषयों और तकनीकी दक्षता से जॉब के अवसर बढ़ेंगे।

इनका कहना है

मामले की जानकारी देते हुए उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस अनुपम राजन का कहना है कि, स्वयं और एनपीटीईएल पर उपलब्ध कोर्सेस की बोर्ड ऑफ स्टडीज से मैपिंग कराई जा रही है। जल्द ही इसपर विस्तृत दिशा निर्देश और ऑनलाइन कोर्सेस की लिस्ट जारी की जाएगी। इस काम में करीब एक महीने का समय और लगने की संभावना है। नए सत्र से 40 प्रतिशत कोर्स छात्र ऑनलाइन कर सकेंगे।

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