भोपाल, Jun 04, 2026

Barkatullah University Name Changed history facts (photo: Barkatullah University portal)
Barkatullah University Name Changed: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित Barkatullah University लाखों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। लेकिन एक दिन पहले ही इसका नाम बदलकर वाग्देवी विश्वविद्यालय नाम पर मंजूरी मिल गई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ऐसा पहली बार नहीं है। इस मंजूरी से पहले भी एक बार और भोपाल के इस विश्वविद्यालय का नाम बदला गया था। हालांकि जो नाम अब बदला गया है, 'बरकतउल्लाह' (Barkatullah University) यह नाम ऐसा है जो भोपाल से लेकर देशभर में जाना जाता है। लेकिन क्या इस विश्वविद्यालय के नाम के पीछे छिपी कहानी आप जानते हैं? बता दें कि बहुत कम लोग ये जानते हैं। क्या आप जानते हैं आखिर कौन थे बरकतउल्लाह, जिनके सम्मान में भोपाल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय रखा गया था? यह कहानी केवल एक विश्वविद्यालय के नाम की नहीं है, बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के उस अध्याय की है, जो अक्सर मुख्यधारा के इतिहास में कम नजर आता है।
दरअसल बरकतउल्लाह (Barkatullah University) का पूरा नाम था मौलाना बरकतउल्लाह भोपाली (Maulana Barkatullah Bhopali)। इनका जन्म 1854 में भोपाल में हुआ था। नेशनल आर्काइव्ज ऑफ इंडिया और द इंडियन वार ऑफ इंडिपेंडेंस (IWI-1914-1918) से प्राप्त जानकारी के मुताबिक भोपाल में जन्में बरकतउल्लाह शिक्षाविद्, लेखक, पत्रकार और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका दौर वही था जब भारत अंग्रेजी शासन के अधीन था। इस दौर में बरकतउल्लाह ने देश की आजादी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने भारत से बाहर रहकर ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ जनमत तैयार करने का काम किया। वे जापान, अमेरिका, जर्मनी और अफगानिस्तान जैसे देशों में सक्रिय रहे और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की पुरजोर कोशिश करते रहे।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दर्ज वर्ष 1915 एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। Provisionl Government of India (PGI) से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेज बताते हैं कि इसी वर्ष अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में भारत की एक अस्थायी (Provisional) सरकार गठित की गई थी। इस Provisional सरकार में राष्ट्रपति राजा महेंद्र प्रताप (Raja Mahendra Pratap)थे, जबकि प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी मौलाना बरकतउल्लाह को सौंपी गई थी।
इतिहासकारों के अनुसार इस सरकार का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना था। यह सरकार भारत की स्वतंत्रता की मांग को वैश्विक स्तर पर उठाना चाहती थी। यद्यपि यह सरकार भारतीय जमीन पर कार्यरत नहीं थी, लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है।
बरकतउल्लाह (Barkatullah University) उन शुरुआती भारतीय क्रांतिकारियों में शामिल थे, जो यह समझने में कामयाब रहे थे कि ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ाई केवल भारत की सीमाओं में रहकर नहीं लड़ी जा सकती। उन्होंने विदेशों में भारतीय प्रवासियों और क्रांतिकारियों को संगठित करने की कोशिश की। कई देशों में उन्होंने लेखन, भाषण और राजनीतिक गतिविधियों के माध्यम से अंग्रेजी शासन की आलोचना की और भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्थन जुटाया। यानी आजादी का बिगुल विदेशों में पहले ही बजना शुरू हो चुका था।
भोपाल में इस विश्वविद्यालय (Barkatullah University) की स्थापना 1970 में भोपाल विश्वविद्यालय के नाम से की गई थी। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने स्वतंत्रता सेनानी मौलाना बरकतउल्लाह के योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से 1988 में इसका नाम बदलकर बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय कर दिया। आज यह विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों में शामिल है और हजारों छात्र यहां अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन एक बार फिर जून 2026 में मध्य प्रदेश सरकार ने इसका नाम फिर से बदला और वाग्देवी विश्वविद्यालय कर दिया। यानी अब लोग इसे वाग्देवी विश्वविद्यालय के रूप में जानेंगे।
जब भी हम स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा करते हैं, अक्सर हमारे मुंह पर महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाषचंद्र बोस और जवाहरलाल नेहरू जैसे बड़े नाम आते हैं। लेकिन भारत की आजादी की लड़ाई में अकेले बरकतउल्लाह जैसे अनेक लोग थे, जिन्होंने देश से दूर रहकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज उठाई और संघर्ष किया। मौलाना बरकतउल्लाह का नाम और जीवन इसका उदाहरण है कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की जड़ें भारत तक नहीं बल्कि, दुनिया के कई देशों तक फैला हुआ एक व्यापक अभियान था।
जन्म: 1854, भोपाल
पूरा नाम: Mohamed Barkatullah Bhopali/ Maulana Barkatullah
पहचान: स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, लेखक
प्रधानमंत्री- 1915: काबुल में बनी भारत की अस्थायी सरकार में पीएम रहे
कहां-कहां रहे सक्रिय: जापान, अमेरिका, जर्मनी और अफगानिस्तान
निधन: 1927
1988: भोपाल विश्वविद्यालय का नाम बदलकर बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय रखा गया
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Updated on: 04 Jun 2026 05:23 pm

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